भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र के कुल 4 उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के मुखिया और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के अलावा दो और नेताओं का नाम इस लिस्ट में शामिल है। रामराव वडकुटे और माया चिंतामण इवनाते को भी राज्यसभा भेजा जाएगा। रोचक बात है कि लंबे समय से संगठन का काम कर रहे विनोद तावड़े पहली बार संसद के सदस्य बनने जा रहे हैं। इससे पहले वह महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे हैं।
महाराष्ट्र के विधायकों की संख्या के हिसाब से कुल 6 सीटों पर महायुति को जीत मिल सकती है और एक ही सीट पर महा विकास अघाड़ी को जीत मिलने की संभावना है। अब बीजेपी ने चार उम्मीदवार उतार दिए हैं, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बाकी की सीटें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शिवसेना के खाते में जा सकती हैं। एनसीपी की ओर से पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
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कौन हैं माया चिंतामण इवनाते?
इन चार उम्मीदवारों की लिस्ट में एकमात्र महिला माया चिंताण इवनाते का है। महाराष्ट्र के नागपुर से आने वाली माया इससे पहले नागपुर की मेयर और राष्ट्रीय अनुसूचिज जनजाति आयोग की सदस्य रही हैं। वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की करीबी मानी जाती हैं। उनकी उम्मीदवारी को आदिवासी वोटरों से जोड़कर देखा जा रहा है।
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रामराव वडकुटे कौन हैं?
चौथा नाम सबको हैरान कर रहा है क्योंकि रामराव वडकुटे को बहुत कम ही लोग जानते हैं। एनसीपी से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले रामराव वडकुटे धनगर समुदाय से आते हैं और कहा जाता है कि इस समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ भी है। 2014 में राज्यपाल की ओर से एमएलसी नॉमिनेट हुए थे और 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए थे।
माना जा रहा है कि 2029 को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने जिस तरह से माया चिंतामण इवनाते को राज्यसभा भेजा है उसी तरह धनगर समुदाय को साधने के लिए रामराव वडकुटे को भी राज्यसभा भेजा जा रहा है।
MVA में अब तक नहीं हो पाया फैसला
वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिलने के आसार हैं। शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी और एनसीपी (शरद पवार) का कार्यकाल खत्म हो रहा है। अब इन दोनों दलों के अलावा कांग्रेस पार्टी भी इस सीट पर अपना दावा ठोंक रही है। कोई भी पार्टी पीछे हटने को तैयार नहीं है इसलिए अभी तक उम्मीदवार के नाम पर फैसला नहीं हो पाया है। शरद पवार ने पहले संकेत दिए थे कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन अपना दावा मजबूत करने के लिए एनसीपी उन्हीं का नाम आगे कर रही है।
