पंजाब की नहरें खेतों को सिर्फ पानी ही नहीं देती बल्कि यह नहरें लाशों को ठिकाने लगाने का एक तरीका बन चुकी हैं। हाल ही में 'खबरगांव' न्यूज पोर्टल के यूट्यूब चैनल पर डॉक्यूमेंट्री 'Dead Body Finder' में दिखाया गया है कि किस तरह से आशू मलिक नाक के एक गोताखोर ने दिल्ली से लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक की नहरों से हजारों लाशें बाहर निकालीं हैं। आशू मलिक हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं और वह पिछले 32 सालों से गोताखोर का काम कर रहे हैं। खबरगांव की डॉक्यूमेंट्री में आशू मलिक ने बताया है कि वह यह खतरनाक काम कैसे करते हैं और उन्हें किन हालातों का करना पड़ता है।
आशू मलिक अब तक नहरों से 10 हजार लाशें निकाल चुके हैं। खबरगांव की डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने कई हैरान कर देने वाली चीजें बताई हैं। उन्होंने कहा, 'भाखड़ा नहर में पानी का फ्लो बहुत ज्यादा है। ऐसे में कूदकर लाश निकालना काफी मुश्किल है। ऐसे में करीब 5 दिन बाद लाश अपने आप पानी पर तैरने लगती है और फिर उसे निकाला जाता है।' उन्होंने बताया कि भाखड़ा नहर में उन्हें एक लाश करीब ढाई साल बाद मिली।
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लाशें निकालने से लगता है डर?
लाश को देखकर आमतौर पर लोग डर जाते हैं। हर रोज लाश को निकालना और अब तक 10 हजार लाशें निकालना आसान काम नहीं है। आशू मलिक से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लाशें निकालने के बाद कभी डरावने सपने आते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें हर रोज ऐसे सपने आते हैं। उन्होंने कहा, 'हर रोज ऐसे सपने आते हैं। मरने के सपने आते हैं। कई बार ऐसा लगता है कि कोई मुझे मार रहा है। ऐसे लगता है कि मेरे घर के कोने में कोई बैठा है। मुझे ऐसे लगता है कि मेरे घर के अंदर वह आत्माएं बैठी हैं जिनकी लाश मैंने निकाल दी।'
यहां देखें पूरी डॉक्यूमेंट्री- Dead Body Finder
उन्होंने बताया कि उनके साथ इस तरह की चींजें हर रोज होती हैं। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की चीजों को नजरअंदाज करके अपना काम करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि कई ऐसे प्वाइंट्स हैं जहां पर आमतौर पर लाशें मिलती हैं। उन्होंने बताया कि नहर में अगर कोई सबके सामने भी नहर में कूद जाए तो भी उसकी लाश निकालना आसान नहीं होता।
पुलिस प्रशासन पर सवाल
आशू ने अपने हल किए गए मामलों के बारे में बताते हैं कि उन्हें हर रोज अलग-अलग तरह के केस देखने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि कई लावारिश लाशें भी उन्हें मिली है। कई बार लाशों के टूकड़े मिलते हैं। एक केस के बारे में बताते हुए आशू ने कहा कि एक 10 साल की बच्ची की लाश उन्होंने नहर से निकाली जिसका रेप करके उसे नहर में फेंक दिया था।
आशू ने पुलिस प्रशासन की लापरवाही को भी दिखाया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री में एक वीडियो दिखाई है जिसमें एक कुत्ता नहर के किनारे एक लाश को खा रहा है और पुलिस के कुछ अधिकारी किनारे पर खड़े होकर देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ लाशें ही नहीं कई बार उन्हें जिंदा बम भी देखने को मिले हैं।
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राजस्थान तक चली जाती हैं लाशें
आशू ने बताया कि कई बार लाशें पंजाब से होकर राजस्थान तक चली जाती हैं। राजस्थान के गांव के स्थानीय लोग इन लाशों को निकालते हैं और इनको जला देते हैं। आशू कहते हैं कि इस तरह कई लोगों की कहानी खत्म हो जाती है जो ना रिकॉर्ड में आती है और ना ही उनके परिजनों को कभी उनकी लाश मिल पाती है। आशू नगर के अंदर फंसी हुई लाशों को नजह में कूदकर निकालते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार लोगों की लाशों को निकाला है जिसनें कई लावारिश लाशें भी शामिल हैं।
