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तमिलनाडु में कैसी है अल्पसंख्यक राजनीति, वहां का 'ओवैसी' कौन है?

तमिलनाडु में कांग्रेस, DMK जैसी पार्टियां, अल्पसंख्यक राजनीति करती रहीं हैं लेकिन अब क्या समीकरण बन रहे हैं, आइए समझते हैं।

Tamilnadu

पलानीस्वामी, एमके स्टालिन और विजय। Photo Credit: PTI

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तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने दावा किया है कि द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK), राज्य में अल्पसंख्यकों के हितों के साथ हमेशा खड़ी रही है। डीएमके राज्य के अल्पसंख्यक और दबे-कुचले लोगों की आवाज है। उनका कहना है कि DMK का रुख, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ रहा है, जब केंद्र सरकार ने साल 2019 में इसे संसद से पारित किया था तो तमिलनाडु उन राज्यों में शुमार था, जिन्होंने इसका विरोध किया था। 

उदयनिधि स्टालिन ने जोर दिया कि DMK के उलट, ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) एडप्पाडी के पलनीस्वामी ने केंद्र सरकार का साथ दिया था। आरोप यह भी लगे कि AIADMK ने ऐसा सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दबाव में ऐसा किया था। कांग्रेस का रुख भी CAA के खिलाफ रहा है, तमिलगा वेट्री कझगम के चीफ थलापति विजय तो खुद को अल्पसंख्यकों की आवाज बताते ही रहे हैं। 

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राज्य में अल्पसंख्यक हितों को लुभाने के लिए मची होड़ में किस पार्टी की सियासत, अल्पसंख्यकों के इर्दगिर्द घूमती है, वहां ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) जैसी पार्टी कौन है, वहां असदुद्दीन ओवैसी जैसे अल्पसंख्यक नेता कौन हैं, कौन कितना मजबूत है, किसकी दावेदारी कितनी है, आइए समझते हैं-

तमिलनाडु में कितने ताकतवर है अल्पसंख्यक समाज?

साल 2011 में हुए जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु में 87.58 फीसदी आबादी हिंदू है। अल्पसंख्यक वोटरों की संख्या कम है। 32 के 32 जिले, हिंदू बाहुल हैं। राज्य में मुस्लिम आबादी करीब 42.29 लाख है। यह राज्य की कुल आबादी का 5.86 फीसदी हिस्सा है। कुल आबादी करीब 7.21 करोड़ है। ईसाई आबादी तमिलनाडु में, मुस्लिम आबादी से ज्यादा है। 44.18 लाख राज्य में ईसाई हैं, जो कुल आबादी का करीब 6.12 फीसदी हिस्सा है। 

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कौन से जिले हैं अल्पसंख्यक बाहुल?

'मुस्लिम पॉपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन इन इंडिया' की रिपोर्ट बताती है तमिलनाडु में मुस्लिम आबादी वेल्लूर, रामानाथापुरम, थिरुवरुर, पुडुकोट्टई और विलुप्पुरम जैसे जिलों में ज्यादा है। वेल्लूर में 22 फीसदी मुस्लिम हैं, रामाथापुरम में भी 22 फीसदी आबादी मुस्लिम है। थुरुवरुर में 16 फीसीदी से ज्यादा और पुडुकोट्टाई में 14.5 फीसदी है। विल्लुपुरम में मुस्लिम आबादी 12 फीसदी के करीब है। 

कौन सी पार्टियां करती हैं अल्पसंख्यक राजनीति?

ओवैसी जैसी राजनीति करने वाली पार्टियां कौन हैं?

तमिलनाडु में मुस्लिम राजनीति भले हाशिए पर हो लेकिन कई राजनीतिक दल, खुद को अल्पसंख्यकों का हितैषी बताती हैं। बड़े द्रविड़ दलों के साथ इनका गठबंधन है। AIADMK ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया है, इसलिए कई अल्पसंख्यक पार्टियां, छिटक गई हैं। वैसे भी, DMK की तरह, मुस्लिम और ईसाई केंद्रित राजनीति, AIADMK ने कभी नहीं की है। 

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  • इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML): यह राज्य की सबसे पुरानी और प्रमुख मुस्लिम पार्टी है। यह पारंपरिक रूप से DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा रही है। इस बार भी DMK साथ 2 सीटों पर गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। प्रोफेसर केएम कादर मोहिद्दीन इस पार्टी के साथ गठबंधन में हैं। 

  • मानिथेनया मक्कल कची (MMK): प्रो एमएच जवाहिरुल्लाह इस पार्टी के अध्यक्ष हैं। यह पार्टी, तमिलनाडु मुस्लिम मुन्नेत्र कझगम (TMMK) का राजनीतिक चेहरा है। यह भी वर्तमान में DMK गठबंधन के साथ है। 2 सीटों पर समझौता हुआ है। 

  • सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI): यह पार्टी भी मुस्लिम अधिकारों के लिए मुखर रहती है। यह भी DMK गठबंधन का हिस्सा है। एक सीट पर समझौता हुआ है। 

  • मानिथेनया जननायक कची (MJK): इस पार्टी के अध्यतक्ष तमीमुन अंसारी हैं। यह पार्टी मानिथेनया मक्कल कची से अलग होकर बनी थी। दिलचस्प बात यह है कि यह पार्टी, AIADMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ चुकी है।

गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों का हाल क्या है?

राज्य में मुस्लिम से ज्यादा क्रिश्चियन आबादी है, फिर भी कोई प्रभावशाली पार्टी, क्रिश्चियन समुदाय की नहीं है। ईसाई मतदाता DMK और AIADMK के बीच बंटे हैं। वैचारिक तौर पर इनका झुकाव डीएमके की ओर ज्यादा रहता है। 

DMK, धर्मनिरपेक्ष राजनीति का दावा करती है, सामाजिक न्याय और हिंदू-हिंदू विरोध पर जोर देती है। पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ भी है। AIADMK, जब तक जयललिता के प्रभाव में रही, अल्पसंख्यक वोटर इससे जुड़े रहे। बाद में बीजेपी के साथ गठबंधन की वजह से मुस्लिम नाराज हुए। अब इस पार्टी के लिए वोटिंग पैटर्न बदल रहा है। 


नाम तमिलर कची (NTK), तमिल राष्ट्रवाद के इर्दगिर्द राजनीति करती है। सभी धर्मों के तमिल भाषियों को एक साथ लाने का दावा करती है। तमिलनाडु में तमिल राजनीति, लगभग हर दलों के सियासत का आधार है। 

तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) राज्य की सबसे नई पार्टी है। सुपरस्टार विजय की नई पार्टी भी 2026 के चुनाव में उतरी है। अल्पसंक्यक और द्रविड़ राजनीति करती है। विजय खुद, ईसाई समुदाय से आते हैं। वह अभी सेक्युलर पिच पर जोर दे रहे है।


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