दिल्ली विधानसभा में सोमवार को कैग की रिपोर्ट पेश की गई। इसमें दावा किया गया कि पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार ने 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित केजरीवाल के सरकारी आवास के मरम्मत पर 33.66 करोड़ रुपये खर्च किए थे। यह रकम अनुमानित लागत से 342 प्रतिशत अधिक थी। कैग की रिपोर्ट पर बुधवार को दिल्ली विधानसभा में चर्चा हुई तो लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने एक लंबी-चौड़ी सूची पढ़ी और अरविंद केजरीवाल की तुलना धुरंधर फिल्म के रहमान डकैत से की। उन्होंने आरोप लगाया कि 88 इंच का टीवी 28 लाख रुपये में खरीदा गया। वहीं छह लाख रुपये का मिनी बार बनवाया गया। 

 

प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया, 'टेंडर आवंटन में धांधली की गई। उन्होंने आगे कहा कि देश में धुरंधर फिल्म बहुत ही चर्चा में है। उसके एक किरदार रहमान डकैत की खूब चर्चा है। दिल्ली के 'डकैत' अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के पैसे में डांका डाला। मगर हमारे धुरंधर मतदाताओं ने दिल्ली के डकैतों को एक साल पहले हरा दिया, क्योंकि वे समझ गए थे कि ये लोग 11 साल से झूठ बोल रहे थे। आज यह हालत हो गई है कि अरविंद केजरीवाल कुछ भी बोलते हैं तो न केवल दिल्ली, बल्कि देश का हर व्यक्ति कहता है कि ये व्यक्ति झूठ ही बोलता है।' 

 

 

 

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प्रवेश साहिब सिंह का आरोप है कि बिना परमिशन घरों को तोड़वाने और पेड़ों को कटवाने के बाद शीश महल का निर्माण शुरू किया गया। उन्होंने विधानसभा में दो अलग-अलग फोटो दिखाई और बताया कि कैसे शीश महल बनने से पहले और बाद में वहां पेड़ों को काटा गया है। 

'चंद कुर्सी के कीड़े पूरी दिल्ली को खा गए'

उन्होंने कहा, 'शीशमहल के बारे में हम सभी ने बहुत बार सुना है। 'मैं बचाता रहा दीमक से घर अपना, और चंद कुर्सी के कीड़े पूरी दिल्ली को खा गए।' पहली आपदा कोविड की और दूसरी आम आदमी पार्टी की थी। जब 2021 में देश में बार-बार कर्फ्यू लगता था, जब कोई फैक्ट्री नहीं चल रही थी, कोई कारखाना नहीं चल रहा था, कोई ऑफिस नहीं खुल रहा था, सारे लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे, घरों में बैठे थे, एक भी गाड़ी सड़क पर नहीं दिख रही थी, मगर शीश महल के कंस्ट्रक्शन का काम एक भी दिन नहीं रुका।'

 

 

 

 

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24 घंटे चला शीश महल का काम: प्रवेश साहिब सिंह

प्रवेश साहिब सिंह ने आरोप लगाया, '24 घंटे और 365 दिन शीश महल का काम चला, क्योंकि यह केजरीवाल... राजा का महल बन रहा था।' उन्होंने विधानसभा में एक सूची पढ़ी और कथित तौर पर आरोप लगाया कि यह सामान शीशमहल में लगाया गया है। उन्होंने कहा, 'फर्नीचर और सोफा लगाया गया। पहला टेंडर 35 और दूसरा डेढ़ लाख रुपये का हुआ। 1 करोड़ 5 लाख रुपये की 76 टेबल लगाई गई। 40 लाख रुपये के आठ बेड लगाए गए। 28 लाख रुपये की अलमारी, 60 लाख रुपये की कुर्सी, साढ़े पांच लाख रुपये की पांच रिक्लाइनर कुर्सी, पांच लाख रुपये के बुक सेल्फ, 60 लाख रुपये की कालीन और डेढ़ करोड़ रुपये पर्दे खरीदे गए।