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क्या है ट्रंप का 15 सूत्रीय युद्धविराम प्लान, क्या इन शर्तों को मानेगा ईरान?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 सूत्रीय युद्धविराम का प्लान तैयार किया है। यह प्लान ईरान को भेज भी दिया गया है। अब देखना है कि इस पर दोनों देशों के बीच सहमति बन पाती है या नहीं।

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप (Photo Credit: Social Media)

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अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जल्द ही बातचीत होने की उम्मीद है। ईरान अभी तक किसी भी प्रकार की वार्ता से इनकार कर रहा है। मगर उसे उम्मीद है कि जल्द ही मित्र देशों की पहल पर बातचीत की जमीन तैयार हो सकती है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपना 15 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। दो पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि ईरान को यह प्रस्ताव मिल गया है। 

 

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी का कहना है कि इस हफ्ते के आखिरी तक इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है। अभी तक ट्रंप के 15 सूत्रीय प्रस्ताव की शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया। मगर मिस्र के एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुचारू यातायात की अनुमति देना, मिसाइल कार्यक्रम और सशस्त्र समहू को हथियार मुहैया कराने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। बदले में अमेरिका प्रतिबंधों में ढील, नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग देगा। वहीं ईरान परमाणु कार्यक्रम में कमी लाएगा और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को निगरानी की अनुमति देगा।

 

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बातचीत के दावों पर ईरान ने क्या कहा?

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। मित्र देश बातचीत की जमीन तैयार करने का प्रयास करने में जुटे हैं। हमें उम्मीद है कि थोपे हुए युद्ध को खत्म करने में यह पहल सफल साबित होगी। वहीं ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने अमेरिका का मजाक उड़ाया और कहा कि वह खुद से ही बातचीत कर रहा है। बता दें कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनका प्रशासन ईरान में सही लोगों से बातचीत कर रहा है। वे समझौते के लिए बेहद इच्छुक हैं। 

मध्य पूर्व में और सैनिक तैनात करेगा अमेरिका

अमेरिका ने अपने एयरबोर्न डिवीजन से 1000 जवानों को मध्य पूर्व में भेजने का फैसला किया है। दो मरीन यूनिटों को भी तैनात करने की तैयारी है। नई तैनाती के बाद इलाके में मरीन सैनिकों की संख्या 5000 हो जाएगी। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हुई थी। अमेरिका को अपने 16 जवान, इजरायल को 9 नागरिक खोने पड़े। ईरान और लेबनान में 2500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। 

 

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ईरान से क्या चाहता है अमेरिका?

  • बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करना होगा।
  • यूरेनियम के सभी भंडार ईरान से बाहर करने होंगे।
  • यूरेनियम संवर्धन 3.67 फीसद तक ही करना होगा। 
  • एक महीने में संवर्धन सुविधा को निष्क्रिय करना होगा।
  • सेंट्रीफ्यूज को तत्काल बंद करना होगा।
  • बातचीत की खातिर एक महीने का युद्ध विराम होगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना होगा।
  • प्रॉक्सी गुटों को हथियार देना बंद करना होगा। 

ईरान को क्या मिलेगा?

  • ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम को अमेरिका वित्तपोषित करेगा।
  • ईरान के बाहर ईंधन फार्म स्थापित होगा।
  • ईरान पर से प्रतिबंध हटाएगा अमेरिका।
  • बुशहर प्लांट से  संयंत्र में बिजली उत्पादन सहित इसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम के लिए समर्थन।
  • समझौते पर चर्चा की खातिर एक महीने का युद्धविराम।

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