मध्य पूर्व में युद्ध के बीच भारत सरकार तेजी से एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी में शिफ्ट कर रही है। मंगलवार को सरकार ने एक आदेश में कहा कि जहां भी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है तो लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेना होगा। इंकार करने पर उन्हें तीन महीने बाद एलपीजी की सप्लाई नहीं मिलेगी।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा बुधवार को बताया कि पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं करीब 2.20 लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा, 2.5 लाख नए एप्लीकेशन या रजिस्ट्रेशन मिले हैं।
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राज्यों को केंद्र से मिल रहा मिट्टी का तेल
सुजाता शर्मा ने आगे बताया कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर एलपीजी की कोई कमी नहीं आई है। ऑनलाइन बुकिंग अच्छे से चल रही है। 26 राज्यों ने अब तक लगभग 22,000 टन कमर्शियल LPG आवंटित की गई है। मंगलवार को ही करीब 30,005 किलोग्राम सिलेंडर बांटे गए। भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को एक अल्टरनेटिव फ्यूल ऑप्शन के तौर पर अतिरिक्त मिट्टी का तेल आवंटित किया है।
100 फीसद पीएनजी की सप्लाई
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू पीएनजी कनेक्शन भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसकी 100 फीसद आपूर्ति की जा रही है। परिवहन में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी भी 100 फीसद उपभोक्ताओं को मिल रही है।
पीएनजी कनेक्शन पर मिल रहा इंसेंटिव
उन्होंने बताया कि कई कंपनियों ने कई इंसेंटिव्स की घोषणा की है। कोई 500 रुपये तक की मुफ्त गैस तो कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट दे रहा है। राज्य सरकारों को भी लिखा गया है। उन्हें 10 फीसद कमर्शियल गैस और एक्स्ट्रा एलपीजी देने का ऑफर दिया गया है।
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कालाबाजारी के खिलाफ एक्शन
सुजाता शर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोड रेस्टोरेशन चार्ज माफ कर दिया गया है। वहीं चौबीसों घंटे पाइपलाइन के काम की इजाजत दे दी गई है। भारत सरकार और राज्य सरकारें दोनों ही कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने का प्रयास कर रही हैं। इस मामले में राज्य सरकारों की भूमिका बेहद अहम है। कल अलग-अलग राज्यों में लगभग 2700 छापे मारे गए और करीब 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।