रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें में इजाफा होता जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अंबानी के खिलाफ ईडी की जांच चल रही, इसी कड़ी में केंद्रीय एजेंसी ने शुक्रवार को उन्हें एक और झटका दिया। ईडी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) की 581.65 करोड़ रुपये की 31 अचल संपत्तियों को अटैच कर दिया है।

 

ईडी ने एक बयान जारी करके बताया कि राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश गोवा, केरल, कर्नाटक समेत 13 राज्यों में अनिल की कंपनियों की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई। यह कदम 6 मार्च को रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े मामले की जांच के बाद की गई है। 

 

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कार्रवाई की और तेज होगी

एजेंसी के मुताबिक, रिलायंस ग्रुप के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की और तेज होगी। एजेंसी ने कंपनी से जुड़े बैंक फ्रॉड केस में अबतक कुल 15,729 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ती अटैच कर चुकी थी, मगर इस ताजा जब्ती के बाद कुल रकम 16,310 करोड़ रुपये हो गई है। 

केंद्रीय एजेंसी ने क्या कहा?

ईडी ने कहा, 'ईडी ने मामले में अपनी जांच 22 जुलाई, 2025 को शुरू की थी। RHFL और RCFL के खिलाफ सीबीआई की FIR से शुरू हुई है, जो यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों पर दर्ज की गई थीं। FIR में क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी और धोखाधड़ी के लिए इंडियन पीनल कोड की धाराओं के साथ-साथ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट भी लगाया गया है।'

 

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ईडी ने आरोप लगाया, "जांच से पता चला है कि RHFL और RCFL ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए, जिनमें से ज्यादातर नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में बदल गए। इन पब्लिक फंड्स को कथित तौर पर शेल और डमी कंपनियों के जाल के जरिए रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर, रिलायंस कम्युनिकेशंस, और रिलायंस कैपिटल जैसी ग्रुप की दूसरी कंपनियों में लगाया गया, जिनका कोई असली व्यवसाय या आर्थिक मजबूती नहीं थी।'

 

हालांकि, एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद रिलायंस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।