हिमाचल प्रदेश के साथ ही उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्से रविवार को हुई बर्फबारी के बाद बर्फ की मोटी परत से ढंक गए हैं। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। दिल्ली के मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग एक डिग्री कम है।

 

इस बीच पर्यटकों को जैसे ही पहाड़ों पर बर्फबारी होने की जानकारी मिली, भारी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों और सार्वजनिक साधनों से मनाली, शिमला और मसूरी जैसे पर्यटक स्थलों में जाने लगे। एक साथ इतनी भारी संख्या में पहाड़ों पर पहुंचना लोगों के लिए दुश्वारियां लेकर आया। भारी बर्फबारी और गाड़ियों के दबाव के चलते पहाड़ों के हाईवे जाम हो गए।

 

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हाईवे पर 10-10 किलोमीटर लंबा जाम

हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों का बुरा हाल है, हाईवे पर 10-10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लोग अपनी कारों में ही सोने के लिए मजबूर हुए, क्योंकि वह अपने होटल तक नहीं पहुंच पाए। इस ट्रैफिक जाम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। 

 

 

 

 

मनाली में भारी बर्फबारी से सड़कें बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया। कई सड़कें अभी भी बंद हैं, जिससे लोगों और टूरिस्ट को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों की मदद की है, उन्हें खाने का सामान बांटा है और हेल्थ चेक-अप किया है। लोगों का रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कत और परेशानियां भी आ रही हैं।

लाहौल-स्पीति में -10 डिग्री तापमान

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों बर्फबारी के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ा है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा। सबसे कम तापमान लाहौल-स्पीति जिले के तबो गांव में शून्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 835 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं, जबकि राज्य भर में लगभग 1,942 ट्रांसफार्मर ठप रहे।

 

मौसम विभाग ने 26 जनवरी से ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का एक और दौर होने का अनुमान जताया किया है और पूरे राज्य के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर गरज और बिजली के साथ-साथ तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। राजस्थान के कई हिस्सों में रविवार को भीषण ठंड का दौर जारी रहा, जहां नागौर में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे कम था।

 

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पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना

जम्मू कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की बर्फबारी होती रही। हालांकि मौसम की स्थिति में मामूली सुधार हुआ, जिससे दो दिनों के बाद श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात आंशिक रूप से बहाल हो सका। कश्मीर घाटी में रात का तापमान हिमांक बिंदु से काफी नीचे रहा। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस नीचे और श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। घाटी इस समय 40 दिनों की कड़ाके की सर्दी की चपेट में है।

 

मौसम विभाग ने बताया कि 26 और 27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है जिसके प्रभाव से 26 जनवरी को दोपहर बाद पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। रविवार को पंजाब और हरियाणा में ठंड का प्रकोप जारी रहा। पंजाब में फिरोजपुर में सबसे कम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने 27 जनवरी से दोनों राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं बहने का पूर्वानुमान किया है।