लोकसभा के मौजूदा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए मंगलवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। विपक्ष ने ओम बिरला पर आरोप लगाए कि वह संविधान और सदन की मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि बार-बार रोकटोक की जाती है और नेता प्रतिपक्ष तक को बोलने से रोका गया। इसी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि वह मानते हैं कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू बहुत हस्तक्षेप करते हैं। उन्होंने विपक्ष का आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इससे पहले इतना गैरजिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं देखा गया।

 

अब अमित शाह का यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इससे पहले विपक्ष की ओर से तरुण गोगोई और कई अन्य नेताओं ने सवाल उठाए कि जब ओम बिरला को ही हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया है तो उनकी ओर से तय पैनल में से कोई स्पीकर की कुर्सी पर बैठ सकता है। जब ये सवाल उठाए गए तब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जगदंबिका पाल पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभा रहे थे। इस दौरान गौरव गोगोई ने सीधे-सीधे पूछा कि आखिर जगदंबिका पाल स्पीकर की कुर्सी पर कैसे बैठ सकते हैं?

 

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क्या बोले अमित शाह?

 

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गौरव गोगोई अपनी बात रख रहे हैं। वह कहते हैं, 'भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड को देखते हुए जब रिसर्च होगी तब एक रिसर्च यह भी होगी कि विपक्ष के बोलते समय सबसे ज्यादा हस्तक्षेप करने वाले संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू हैं।' इसी पर अमित शाह खड़े हुए और कहा, 'मैं भी विधानसभा में रह चुका हूं। संसदीय कार्यमंत्री को तभी खड़ा होना पड़ता है जब संसद के नियमों से दूर कोई चीज होती है। यह बात सही है कि संसदीय कार्यमंत्री के रूप में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप किरेन रिजीजू ने किया है, मैं सहमत हूं लेकिन ऐसा गैरजिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं आया है।'

 

ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर की कुर्सी से हटाने के लिए कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव के बारे में गौरव गोगोई ने कहा, ‘देश को पता होना चाहिए कि किस तरह से संविधान और सदन की मर्यादा का उल्लंघन हो रहा है। बिरला जी का व्यक्तिगत रूप से सभी के साथ रिश्ता अच्छा है। हमें यह संकल्प लाना पड़ रहा है। इस सदन की मर्यादा को बचाने और सदन में जनता का विश्वास कायम रखने के लिए धर्म का पालन करते हुए हम यह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं।’  उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ओम बिरला पर व्यक्तिगत रूप से हमला नहीं कर रहा है।

 

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राहुल के भाषण के दौरान हुई थी रोकटोक

 

उनका कहना था, ‘इस मंदिर (संसद) का दरवाजा सबके लिए खुला हुआ है और इसके संचालन में अध्यक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वह कर लो।’

 

गौरव गोगोई ने इस बात का का भी जिक्र किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यह विषय भी सदन में उठाया था कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता दबाव में किया गया है। उनके मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष ने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए तो लोकसभा अध्यक्ष ने तथ्यों को सत्यापित करने के लिए कहा और नेता प्रतिपक्ष सत्यापित करने के लिए तैयार हुए लेकिन सत्तापक्ष के लोग नहीं चाहते थे कि विषय उठाया जाए। गौरव गोगोई ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष को पहले भी बोलने से रोका गया है।