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8वीं की किताब पर जमकर हुई थी किरकिरी, अब NCERT ने मांगी सार्वजनिक माफी

एनसीईआरटी ने कोर्ट से किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ा अध्याय शामिल किए जाने पर सार्वजनिक माफी मांगते हुए कहा है पूरी किताब वापस ले ली गई है।

NCERT apologises

सुप्रीम कोर्ट। Photo Credit- PTI

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नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने मंगलवार को 8 कक्षा की सामाजिक विज्ञान (सोशल साइंस) की किबात में न्यायपालिका वाले चैप्टर के लिए बिना किसी शर्त के  मांग ली। हालांकि, एनसीईआरटी ने विवाद होने के बाद छापी गई सभी किताबों को वापस मंगवा लिया था और बाजार में बेची गई 35 किताबों की खोज करके उन्हें भी वापस लाने की कार्रवाई की है।

 

एनसीईआरटी ने सुप्रीम कोर्ट से किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ा अध्याय शामिल किए जाने पर सार्वजनिक माफी मांगते हुए कहा है पूरी किताब वापस ले ली गई है। कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में भारत की न्यायिक व्यवस्था के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों का जिक्र किया गया जिसमें भ्रष्टाचार, कोर्ट में पेंडिंग केस और जजों की कमी को दर्शाया गया है।

 

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एनसीईआरटी ने क्या कहा?

एनसीईआरटी अपने एक्स अकाउंट जारी बयान में कहा. 'एनसीईआरटी ने हाल ही में सामाजिक विज्ञान की एक किताब 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' ग्रेड 8 (भाग 2) प्रकाशित की थी, जिसमें अध्याय 4 'द रोल ऑफ ज्यूडिशरी इन आवर सोसाइटी' शामिल था।'

 

 

 

डायरेक्टर बिना किसी शर्त के माफी मांगते हैं..

अपनी माफी में एनसीईआरटी ने कहा, 'पूरी किताब वापस ले ली गई है और अब यह बाजार में मौजूद नहीं है। एनसीईआरटी के डायरेक्टर और सदस्य अध्याय 4 के लिए किसी शर्त के माफी मांगते हैं। हमें परेशानी के लिए अफसोस है और वह सभी स्टेकहोल्डर्स की समझदारी की तारीफ करता है। एनसीईआरटी शिक्षा कंटेंट में निरंतरता एक्यूरेसी, सेंसिटिविटी और जिम्मेदारी के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए बाध्य है।'

 

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कोर्ट ने लगाई थी फटकार

इस अध्याय को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उस पर बैन लगाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद एनसीईआरटी ने माफी मांगते हुए पूरी किताब वापस लेने का फैसला किया है। बता दें कि विवादित किताब पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों एनसीईआरटी को फटकार लगाई थी। साथ ही किताब को वापस लेने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को तय की थी। मगर, शीर्ष कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले ही एनसीईआरटी ने सार्वजनिक माफी मांग ली।

Related Topic:#supreme court#NCERT

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