विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ईरान मामले में हम कड़ी नजर रख रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की। ईरानी समकक्ष ने उन्हें हाल के दिनों में हुई घटनाओं के बारे में अवगत कराया। वहीं चीन के साथ शाक्सगाम घाटी मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने पहले ही साफ कर दिया है कि हमारा रुख क्या है।

 

जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से फिल्म 'बैटल ऑफ़ गलवान' के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हमें पता चला है कि इस तरह की एक फिल्म बनाने की योजना बन रही है। भारत में फिल्म बनाने से जुड़े मामले संबंधित अधिकारी देखते हैं। जहां तक हमारी बात है तो विदेश मंत्रालय का इसमें या ऐसे किसी भी काम में कोई भूमिका नहीं है।'

 

 

 

 

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ईरान मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'ईरान के साथ हमारी लंबे समय से पार्टनरशिप है। हम हो रहे डेवलपमेंट्स पर करीब से नजर रख रहे हैं। हम बदलती हुई स्थिति को देख रहे हैं और उसी के हिसाब से हम अपनी पार्टनरशिप को आगे बढ़ाएंगे।' हाल ही में अमेरिका ने ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर 25 फीसद अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।'

 

 

 

 

इस मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने कहा, ' हम इन सभी डेवलपमेंट्स पर करीब से नजर रख रहे हैं। जहां तक ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार की बात है तो पिछले वित्तीय वर्ष में हमारा कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.6 बिलियन डॉलर का था। इसमें ईरान को हमारा निर्यात लगभग 1.2 बिलियन डॉलर का था और ईरान से हमारा आयात करीब 0.4 बिलियन डॉलर का था। अगर आप ग्लोबल ट्रेड में इसके कुल आकार को देखें तो भारत के कुल व्यापार में ईरान का लगभग 0.15% हिस्सा है।' वहीं चाबहार बंदरगाह मामले में भारत अमेरिका से बात कर रहा है, ताकि प्रतिबंधों से छूट जारी रहे।' 

 

 

 

 

 

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म्यांमार चुनाव पर भारत ने क्या कहा?

म्यांमार चुनाव पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत म्यांमार में सभी स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी के साथ एक समावेशी और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया का समर्थन करता है। रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने ऐसी रिपोर्ट देखी हैं कि दो दौर के चुनाव हो चुके हैं। आगे के दौर बाद में होंगे। हमारे कुछ लोग भारत से वहां गए हैं, लेकिन ये लोग अपनी निजी हैसियत से वहां गए हैं।'