8 मार्च एक ऐसा दिन है जब पूरी दुनिया में महिलाओं को साहसी, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, जिससे न केवल समाज और देश बल्कि पूरी दुनिया का विकास हो रहा है। देश-दुनिया में महिलाओं ने हर क्षेत्र में पुरुषों को टक्कर दी है। हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। आज के समय में महिलाओं ने कई क्षेत्रों में पूरे देश का नाम रौशन किया है। भारत की कई महिलाओं ने व्यापार से लेकर खेल की दुनिया तक अपनी अलग पहचान बनाई है।

 

ये महिलाएं कई अन्य महिलाओं और पुरुषों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अब सवाल उठता है कि कौन-सी महिला ने देश के विकास में अहम योगदान दिया है। व्यापार, खेल, विज्ञान और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में आज के दौर में किस महिला का अहम योगदान है और कौन-सी महिला ने किस क्षेत्र में उन्नति हासिल की है, जो देश के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

 

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व्यापार की दुनिया में किस महिला ने किया कमाल

 

व्यापार के क्षेत्र में फाल्गुनी नायर ने कमाल कर दिया है। फाल्गुनी नायर भारत की शीर्ष व्यवसायी महिलाओं में से एक हैं। इन्होंने नायका कंपनी की स्थापना की है। नायका कंपनी आज के दौर में देश की शीर्ष सौंदर्य प्रसाधन कंपनियों में से एक है। नायका एक ऑनलाइन सौंदर्य प्रसाधन खरीदने का मंच है। इस मंच के जरिए लोग दुनिया के बड़े-बड़े सौंदर्य उत्पादों के ब्रांड के सामान खरीद सकते हैं।


फाल्गुनी नायर ने नायका कंपनी की शुरुआत 2012 में की थी। उस समय फाल्गुनी नायर की उम्र 50 साल थी। नायका कंपनी की स्थापना से पहले फाल्गुनी नायर एक निवेश बैंक में काम कर रही थीं। आज के समय में फाल्गुनी नायर लगभग 39,555 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन हैं। पूरी दुनिया में वह 31वें नंबर की सबसे अमीर व्यवसायी महिलाओं में गिनी जाती हैं। फाल्गुनी नायर ने मेहनत और निरंतर प्रयास से यह मुकाम हासिल किया है, जो अपने आप में बेहद बड़ी बात है।

 

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खेल

इस क्षेत्र में कई महिलाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन करके पदक, पुरस्कार और ट्रॉफी देश के नाम की हैं। क्रिकेट की दुनिया में स्मृति मंधाना ने अपनी बल्लेबाजी से कई मैच जिताए हैं। 2025 में स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी की थी, जिसकी वजह से उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्था की तरफ से वर्ष की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी महिला का पुरस्कार दिया गया था। हालांकि किसी भी बड़ी जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है, जिन्होंने अच्छा खेलकर देश को ट्रॉफी दिलाई।


स्मृति मंधाना देश की भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। भारत में पहले पुरुषों का क्रिकेट ज्यादा देखा जाता था, लेकिन अब महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने लोगों को महिला क्रिकेट देखने के लिए भी प्रेरित किया है। इस बात का श्रेय स्मृति मंधाना और पूरी भारतीय महिला टीम को जाता है।

 

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विज्ञान

भारतीय महिलाओं ने विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी बेहद अहम योगदान दिया है। चंद्रयान-2 मिशन में एक महिला वैज्ञानिक ने सराहनीय योगदान दिया था। चंद्रयान-2 भारत का दूसरा चंद्र मिशन था। इस मिशन को सफल बनाने की कमान दो महिलाओं के हाथों में थी। इस मिशन की पहली महिला मुथैया वनिता थीं, जो परियोजना निदेशक के रूप में काम कर रही थीं। वह इस मिशन के कई महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल थीं।


बाद में उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला वैज्ञानिक का पुरस्कार मिला था। साथ ही उन्हें एक प्रसिद्ध विज्ञान पत्रिका की उभरती वैज्ञानिक सूची में भी जगह मिली। उन्होंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रहीं। इसी वजह से आज वह लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन पाई हैं।

आईटी इंडस्ट्री 

अरुंधती चक्रवर्ती जो एक्सेंचर कंपनी की सीईओ है। जो इस वक्त के 10 अरब डॉलर सालाना कमाने वाले बिजनेस को संभाल रही है। वह 2.2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की वैश्विक टीम के साथ काम करती हैं और बड़ी कंपनियों के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स को मैनेज कर रही हैं। 
 

आईटी इंडस्ट्री में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। एक्सेंचर एक बड़ी आईटी कंपनी है, जहां कई पदों पर महिलाएं भी काम कर रही हैं। पहले आईटी इंडस्ट्री में ज्यादातर पुरुष काम करते थे, लेकिन समय के साथ महिलाओं की शिक्षा में सुधार हुआ। इसी वजह से अब कई महिलाएं आईटी कंपनियों में नौकरी कर रही हैं और कई कंपनियों को लीड भी कर रही हैं। आईटी इंडस्ट्री में महिलाओं की बढ़ती भूमिका इस बात का संदेश देती है कि आज के समय में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को शिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।