केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार की प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं तक रसोई गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सवाल पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है। अभी अफवाह फैलाने या झूठी बातें करने का समय नहीं है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता देश के 33 करोड़ परिवारों की रसोई में ईंधन की कमी न होने देना है।

 

हरदीप पुरी ने दावा किया कि फ्यूल रिटेल आउटलेट स्टॉक में हैं और सप्लाई चेन सामान्य तौर पर काम कर रही है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असरदार डिप्लोमैटिक पहुंच के कारण भारत को उतना क्रूड ऑयल मिला, जितना उसी समय अशांत होर्मुज स्ट्रेट से मिल सकता था। 

 

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28 फीसद तक बढ़ा एलपीजी उत्पादन: सरकार

हरदीप पुरी का कहना है कि भारत इतिहास में सबसे गंभीर ग्लोबल एनर्जी रुकावट से गुजर रहा है। सरकार गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है। भारत एनर्जी वॉरियर्स, संकट को मैनेज करने वाली संस्था और देशहित के पीछे एकजुट है।

 

उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले 5 दिनों में निर्देश के बाद एलपीजी प्रोडक्शन को 28 फीसद तक बढ़ा दिया गया है। आगे की खरीद भी चल रही है। जरूरतमंदों को किसी भी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। घरेलू आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है। डिलीवरी समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

अब कहां से तेल मंगवा रहा भारत?

मंत्री हरदीप पूरी ने आगे यह भी बताया कि बड़े एलएनजी कार्गो लगभग रोजाना दूसरे मार्गों से आ रहे हैं। अब नॉर्वे, कनाडा, अमेरिका और रूस से कार्गो मंगवाया जा रहा है। रिफाइनरियां हाई कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर काम कर रही हैं। कई मामलों में वे 100% से अधिक इस्तेमाल कर रही हैं। केरोसीन और फ्यूल ऑयल की सप्लाई पूरी तरह से पक्की है।

 

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'70 फीसद आयात होर्मुज स्ट्रेट से नहीं'

हरदीप पुरी के मुताबिक नॉन होर्मुज सोर्सिंग क्रूड इंपोर्ट का लगभग 70% तक पहुंच गया है। यह जंग शुरू होने से पहले 55 फीसद था। 2006 और 2007 में भारत 27 देशों से ईंधन सोर्स करता था। अब यह बढ़कर 40 देशों तक पहुंच गया है। लगातार इस्तेमाल से बना यह स्ट्रक्चरल डाइवर्सिफिकेशन सफल पॉलिसी है। इस कारण रिफाइनरियां हाई कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर काम कर रही हैं।