प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्वा से फोन पर बात की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप सरकार के टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर तनाव चल रहा है। साथ ही हाल ही में गठित बोर्ड ऑफ पीस में ट्रंप ने भारत को शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया था लेकिन भारत ने इस पर अभी चुप्पी साध रखी है। अब इसी बीच ब्राजील के राष्ट्रपति से पीएम मोदी की बात हुई है।

 

मोदी जी ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच मजबूत सहयोग बहुत जरूरी है। इससे ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के साझा हितों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति लुला से बात करके खुशी हुई। हमने भारत-ब्राजील की रणनीतिक साझेदारी की मजबूत गति की समीक्षा की, जो आने वाले साल में नई ऊंचाइयों को छूने वाली है। हमारा करीबी सहयोग ग्लोबल साउथ के साझा हितों के लिए महत्वपूर्ण है। मैं जल्द ही उन्हें भारत में स्वागत करने का इंतजार कर रहा हूं।'

 

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आने वाले हैं लूला

ब्राजील के राष्ट्रपति लुला पिछले साल अगस्त में कह चुके थे कि वे 2026 की शुरुआत में भारत की राजकीय यात्रा करेंगे। मोदी जी ने इस यात्रा का फिर से जिक्र किया।

 

यह फोन कॉल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भारत के व्यापार विवाद के बीच हुआ है। ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 50% तक टैरिफ लगा दिया है। इसमें आधा (25%) टैरिफ इसलिए लगाया गया क्योंकि भारत रूस से तेल खरीदता है। ट्रंप इसे रूस की मदद मानते हैं। यह टैरिफ पिछले साल से लागू है और अब तक कोई व्यापार समझौता नहीं हुआ है। बातचीत चल रही है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है।

अमेरिका से डील नहीं

ट्रंप के कुछ सहयोगियों ने कहा कि मोदी जी ने ट्रंप से बात नहीं की, इसलिए डील नहीं हुई। एक ने तो 500% तक टैरिफ बढ़ाने की बात कही, जो चिंता की बात है। लेकिन ट्रंप ने खुद दावोस (स्विट्जरलैंड) में विश्व आर्थिक मंच पर कहा कि वे पीएम मोदी को बहुत सम्मान देते हैं। वे उन्हें 'शानदार नेता' और 'अच्छा दोस्त' बताते हैं। उन्होंने कहा, 'हम भारत के साथ अच्छा व्यापार समझौता करेंगे।'

 

दूसरी तरफ, ब्राजील पर भी ट्रंप ने पहले खाद्य उत्पादों (जैसे बीफ, कॉफी, कोको, फल) पर 40% टैरिफ लगाया था। लेकिन नवंबर 2025 में इसे हटा दिया गया, क्योंकि अमेरिका में खाद्य कीमतें बढ़ रही थीं और ट्रंप की लोकप्रियता गिर रही थी।

 

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ब्रिक्स के सदस्य हैं दोनों

भारत और ब्राजील BRICS देशों के सदस्य हैं। दोनों नेता ट्रंप के टैरिफ से निपटने के लिए BRICS में बातचीत कर सकते हैं। यह बातचीत भारत-ब्राजील दोस्ती को मजबूत करने का संकेत है, खासकर जब अमेरिका के साथ व्यापार में चुनौतियां हैं।