केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव अचानक से चर्चा में आ गए हैं। इस चर्चा की वजह वह नहीं उनके दफ्तर से हटाए गए तीन सेक्रेटरी हैं। हटाए गए अधिकारियों में भूपेंद्र यादव के प्राइवेट सेक्रेटरी रहे अमर सिंह का नाम भी शामिल है। अमर सिंह के अलावा दो अडिशन प्राइवेट सेक्रेटरी को भी हटा दिया गया है। रोचक बात है कि ये तीनों अफसर कई साल से भूपेंद्र यादव के साथ काम कर रहे थे और अब उन्हें जिस तरह से हटाया गया है वह चर्चा का विषय बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमर सिंह को प्रशासनिक फेरबदल के आधार पर हटाया गया है और एक अफसर को उनके पद से बर्खास्त किया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों को हटाने का आदेश 3 जुलाई को जारी किए गए लेकिन मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने इसके बारे में कोई जवाब नहीं दिया। बता दें कि जुलाई 2021 से ही भूपेंद्र यादव ही यह मंत्रालय संभाल रहे हैं। 2024 में तीसरी बार नरेंद्र मोदी की सरकार बनने पर भी उन्हें ही यह मंत्रालय दिया गया। उनसे पहले 7 साल में 4 बार मंत्री बदले गए थे। दो बार प्रकाश जावड़ेकर तो एक-एक बार हर्षवर्धन और अनिल माधव दवे को यह मंत्रालय सौंपा गया था।
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किन 3 अफसरों को हटाया गया?
हटाए गए अफसरों में प्रमुख नाम भूपेंद्र यादव के प्राइवेट सेक्रेटरी रहे IRS अमर सिंह का नाम है। वह साल 2021 में भूपेंद्र यादव के साथ तब आए थे जब उनके पास श्रम और रोजगार मंत्रालय था। दिसंबर 2024 में अमर सिंह का प्रमोशन हुआ, इसके पहले वह डिप्टी सेक्रेटरी हुआ करते थे। उनकी मौजूदा पोस्टिंग 7 सितंबर 2026 तक थी लेकिन अब उन्हें अचानक हटा दिया गया है। वह साल 2010 बैच के IRS अफसर हैं और अब उन्हें उनके मूल काडर भेज दिया गया है।
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दूसरा नाम अडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी शैलेश कुमार सिंह का है। उन्हें भी मूल काडर में वापस भेज दिया गया है। तीसरा नाम अडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आयुष सरन का है और उन्हें उनके पद से बर्खास्त करने की बात कही जा रही है। हालांकि, अचानक ऐसा क्या हो जो इस तरह के बदलाव हुए, इसको लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।


