भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की होती। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर हर जगह SSB के जवान तैनात रहते हैं और सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। SSB के कुछ जवानों पर अब ऐक्शन हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि SSB के कुछ जवानों को शराब की लत लग चुकी है। SSB ने अपने जवानों में कुछ ऐसे जवानों की पहचान की है जो लंबे समय से शराब की लत के शिकार हैं। 

 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल और भूटान से लगती बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल ने अपने जवानों के बीच शराब की दीर्घकालिक लत के मामलों पर कड़ा कदम उठाया है। SSB ने ऐसे कम से कम 50 जवानों की पहचान की है, जिनको बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शराब की लत के कारण इन जवानों के खिलाफ अब SSB सख्त कार्रवाई का मन बना चुका है। 

 

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कुछ जवान हुए बर्खास्त 

अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 8 से 10 जवानों को सभी मेडिकल और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। अन्य मामलों में भी कार्रवाई जारी है। ये सभी जवान कई सालों से शराब की लत से ग्रस्त पाए गए थे। चेतावनी देने के बाद भी जब इन जवानों में सुधार नहीं देखा गया तो इनको बर्खास्त करने का फैसला लिया गया है। 

सुरक्षा के लिए बन रहे थे खतरा

SSB अधिकारियों का कहना है कि शराब पीकर सीमा की सुरक्षा में तैनात जवान न केवल अपनी सुरक्षा के लिए बल्कि अपने साथियों और आम जनता के लिए भी खतरा बन सकते हैं। ऐसे जवानों को अगर शराब ना जी जाए तो यह हिंसक या आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर यूनिट में जवानों के पास कुछ हथियार होते हैं, इसलिए जोखिम और बढ़ जाता है। 

 

पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि SSB महानिदेशक संजय सिंघल ने हालिया समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। निर्देश के बाद ऐसे जवानों की मेडिकल कैटेगरी के सबसे निचले स्तर पर रखा गया है। उन्हें किसी भी तरह के ऑपरेशनल या फील्ड ड्यूटी से दूर कर दिया गया है। इसके बाद उनको बर्खास्त करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। 

जवानों में नहीं हुआ सुधार

अधिकारियों के अनुसार, जिन जवानों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं, उनका कई सालों से इलाज किया जा रहा था लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी कारण बल ने यह फैसला लिया कि ऐसे कर्मियों को सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है। 

 

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, शराब पर निर्भर व्यक्ति अपना अधिकांश समय शराब पाने, पीने और उसके प्रभाव से उबरने में ही बिताता है। नुकसान की जानकारी होने के बावजूद शराब का लगातार सेवन करना भी इसकी बड़ी पहचान है। कुल मिलाकर शराब पर निर्भर व्यक्ति का पूरा जीवन ही शराब के आस-पास घूमता रहता है। अगर उसे शराब ना मिले तो वह पागलों जैसी हरकतें करने लगते हैं और कई बार तो किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान तक पहुंचा देते हैं। 

सीमा की जिम्मेदारी SSB के पास

SSB में करीब 90 हजार जवान तैनात हैं। यह बल नेपाल (1,751 किलोमीटर) और भूटान (699 किलोमीटर) के साथ लगती बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करता है। यह अर्धसैनिक बल गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है।