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लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन है जरूरी, कुत्ता-बिल्ली पालना है तो नियम जान लीजिए

अगर आप भी कुत्ते और बिल्ली पालना चाहते हैं तो आपको नियमों की जानकारी होनी चाहिए। कब लाइसेंस चाहिए, रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है यह सब जानकर ही पालतू जानवर रखने चाहिए।

pet owner rules and regulations

पालतू जानवरों के लिए लागू होते हैं नियम, Photo Credit: Sora AI

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अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने घर पर पालतू जानवरों को रखते हैं। कई लोगों को पालतू जानवर रखने का शौक होता है तो कुछ अपने लिए एक साथी के रूप में पालतू जानवरों को रखते हैं। अगर आप एक कुत्ता अपने घर में रख रहे हैं तो इसके लिए भी आपको कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होता है। सरकार और प्रशासन की तरफ से समय-समय पर पालतू जानवरों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। इनमें जानवरों के रजिस्ट्रेशन से लेकर उनकी देखभाल जैसे कई नियम शामिल हो सकते हैं। लोगों को जानवरों को पालने की इच्छा तो होती है लेकिन इस बात की जानकारी अक्सर नहीं होती कि किस जानवर को वह कानूनी तौर पर पाल सकते हैं। 

 

भारत में अगर आप कोई भी पालतू जानवर घर में रखना चाहते हैं तो इसके लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। हालांकि, अक्सर लोग जानकारी की कमी के कारण बिना लाइसेंस किसी भी जानवर को पाल लेते हैं। ऐसे में अगर प्रशासन चाहे तो आप पर कानूनी कार्रवाई कर सकता है और आप बेवजह मुसीबत में पड़ सकते हैं। कुत्ते से लेकर गाय, भैंस और पक्षियों तक को पालने के लिए आपको लाइसेंस लेना होता है और निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। 

जानवरों को पालने संबंधी कानून

 

भारत में जानवरों को पालने के लिए मुख्य रूप से दो कानून हैं। इनमें पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 शामिल हैं। इन दोनों कानूनों में भारत में जानवरों से जुड़े नियम और कानून बताए गए हैं। पशु क्रूरता अधिनियम में जानवरों के साथ क्रूरता को रोकने, उन्हें संभालने और उनके शिकार के संबंध में नियम शामिल हैं। इसके अलावा वन्यजीव सरंक्षण अधिनियम के तहत जंगली जानवरों के शिकार और व्यापार पर रोक लगाई गई है। इस कानून के तहत हाथी, शेर, मोर जैसे कई जंगली जानवरों को घर में पालने पर रोक लगाई गई है। 

 

जानवरों को पालने के संबंध में भारत में कई नियम और कानून हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के साथ-साथ स्थानीय सरकारें भी दिशा निर्देश जारी करती हैं। हर शहर की नगरपालिका या नगर निगम भी जानवरों को पालने से संबंधित नियम और दिशा निर्देश जारी करते हैं। अगर आप कोई जानवर पालना चाहते हैं तो आपको स्थानीय प्रशासन से लेकर देश के कानून जानवर पालने को लेकर क्या कहते हैं इस बात की जानकारी होनी चाहिए।

किन जानवरों को पाल सकते हैं?

 

अगर आप किसी जानवर को पालने का मन बना रहे हैं तो आपको पहले यह जान लेना चाहिए कि भारत में किन जानवरों को पालना कानूनी रूप से वैध है। आप उन जानवरों को ही पाल सकते हैं जो वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित नहीं हैं। आम तौर पर कुत्ते, बिल्लियां, पक्षी, खरगोश जैसे जानवर पाले जाते हैं। हालांकि, इन जानवरों को पालने के लिए भी आपको रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ सकता है और समय-समय पर स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पालतू जानवरों का मेडिकल चेकअप और वैक्सीनेशन करवाना पड़ता है। 

कुत्ता पालने के नियम

 

कुत्ता आम तौर पर लोगों के घरों में देखा जा सकता है। भारत में कुत्ता पालना वैध भी है लेकिन ज्यादातर लोग बिना रजिस्ट्रेशन के घर में कुत्ता रखते हैं जो अवैध है। इसके अलावा आप हर नस्ल के कुत्ते को नहीं पाल सकते। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि कुछ कुत्ते खतरनाक हो सकते हैं और इससे आपकी जान को खतरा भी हो सकता है। कुत्ता पालने के लिए आपको स्थानीय प्रशासन यानी नगरपालिका या नगर निगम में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन के समय कुत्ते की नस्ल की जांच भी की जाती है। 

 

कुत्ते की कुछ नस्लें बहुत ज्यादा खूंखार और आक्रामक होती हैं। भारत में केंद्र सरकार ने कुत्तों की कुछ खूंखार नस्लों की बिक्री पर रोक लगाई है। इनमें पिटबुल टेरियर, रॉटविलर, अमेरिकन बुलडॉग, टोसा इनु और फिला ब्रासीलेरो जैसी नस्लें शामिल हैं। इन नस्लों के कुत्तों को पालतू जानवरों के रूप में रखने पर कानूनी रोक है। 

बिल्ली कैसे पालें?

 

पालतू जानवरों में कुत्ते के बाद सबस ज्यादा बिल्ली को पसंद किया जाता है। बिल्ली पालने के लिए भी आपको लाइसेंस लेना होता है और इसे हर साल रिन्यू करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन के समय आपको फीस देनी होती है और डॉक्टर से वेक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी लेना होता है। जिन दुकानों 'पेट शॉप' पर बिल्लियों को बेचा जाता है उन्हें भी बाकायदा लाइसेंस लेना होता है। 

गाय और भैंस

 

गाय और भैंस आम तौर पर गांवों में हर घर में पाई जाती हैं। कई घरों में तो आपको अच्छी नस्ल की कई गाय और भैंसे देखने को मिल जाएंगी लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन के गायों या भैंसो को रखना भी अवैध है। अगर आप 2 से ज्यादा गाय या भैंसे रख रहे हैं तो इसे डेयरी बिजनेस माना जाता है और आपको इसके लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। कुछ शहरों में तो गायों और भैंसों को आप अपने घर में नहीं रख सकते। अगर छोटे शहरों में भी आप अपने घर में गाय या भैंस को रखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नगर निगम या नगर पालिका से लाइसेंस लेना होगा। गाय और भैंस की तरह आप भेड़ और बकरी को भी पाला जा सकता है। हालांकि, अगर आप ज्यादा संख्या में भेड़ और बकरी को पालते हैं तो इसके लिए आपको लाइसेंस की जरूरत पड़ सकती है। 

तोता पालने पर हो सकती है सजा

 

अगर आप अपने घर में तोते को पाल रहे हैं तो सावधान हो जाए क्योंकि तोता पालना भारत में गैर कानूनी है। अगर आप तोता पालते हुए पकड़े जाते हैं तो वन्य संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। आप अपने घर के आसपास उड़ने वाले पक्षियों को कैद नहीं कर सकते। सिर्फ तोता ही नहीं बल्कि कई ऐसे जानवर हैं जिन्हें आम तौर पर पाला जाता है लेकिन यह गैर कानूनी होता है। इन जानवरों में बतख, बंदर, ऊंट, सांप, कछुए और मगरमच्छ तक भी शामिल हैं। अगर आप इन्हें पालते हैं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मनोरंजन के लिए बंदर पालना, हाथी और ऊंट की सवारी वन्य जीव सरंक्षण अधिनियम के तहत अवैध है। 

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