तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। तमिलनाडु की मुख्य चुनाव अधिकारी अर्चना पटनायक ने सोमवार को लिस्ट जारी की है उसके मुताबिक, पहले की तुलना में 74 लाख मतदाता कम हो गए हैं। यह लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी की गई है। SIR से पहले तमिलनाडु में कुल मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी जो अब घटकर 5.67 करोड़ वोटर ही रह गई है।

 

बता दें कि इस साल तमिलनाडु के अलावा केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भी विधानसभा के चुनाव होने हैं। तमिलनाडु के कुल मतदाताओं में अब 2.7 करोड़ पुरुष और 2.8 करोड़ महिलाएं हैं। कुल 7617 लोग थर्ड जेंडर के हैं।

 

तमिलनाडु में 27 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक सर्वे कराया गया और 23 फरवरी को ही यह लिस्ट पब्लिश की गई है। राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक, जब 19 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल पब्लिश किया गया था तब कुल 5.43 करोड़ वोटर ही थे। फिर 19 दिसंबर से 30 जनवरी के बीच में 27.53 लाख वोटरों को जोड़ा गया और 4.23 लाख अयोग्य वोटरों के नाम डिलीट किए गए।

 

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नाम डिलीट हो गए तो क्या करना है?

चुनाव आयोग ने बताया है कि जिन लोगों के नाम कटे हैं और वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं तो वे आयोग से संपर्क कर सकते हैं। रिप्रेजेंटेशन ऑफ दर पीपल ऐक्ट, 1950 की धारा 24 (a) के तहत ऐसे मतदाता अगर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के फैसले को चुनौती देना चाहते हैं तो वे डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEO) से संपर्क कर सकते हैं। धारा 24 (b) के मुताबिक, अगर DEO के फैसले से भी आप संतुष्ट नहीं होते हैं तो राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के यहां सेकेंड अपील कर सकते हैं।

 

राज्य में 18 से 19 साल की उम्र के कुल 12.51 लाख वोटर हैं। 4.63 लाख दिव्यांग वोटर हैं और 85 साल से ज्यादा उम्र के 3.99 लाख वोटर हैं। सबसे ज्यादा 5.36 लाख वोटर शोजिंगनल्लुर विधानसभा सीट पर और सबसे कम 1.16 लाख वोटर हार्बर सीट पर हैं।