देश के पूर्व रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिग्गज नेता मुकुल रॉय का निधन हो गया है। उन्होंने कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित अपोलो हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उन्हें रविवार रात दिल  का दौरा पड़ा, जिसके बाद आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान रात करीब 1.30 पर उनका निधन हो गया। मुकुल रॉय के बेटे शु्भ्रांशु रॉय ने उनके निधन की पुष्टि की है। 

मुकुल रॉय पश्चिम बंगाल की राजनीति के बड़े नाम थे। 17 अप्रैल 1954 को जन्मे मुकुल रॉय ने 71 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। वह तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। ममता बनर्जी के सबसे करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती थी। 

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मुकुल रॉय रेल मंत्री कैसे बने थे?

उन्होंने केंद्र में रेल मंत्री के पद पर भी काम किया। साल 2011 में ममता बनर्जी जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने रेल मंत्रालय छोड़ दिया था। उसके बाद मुकुल रॉय को रेल मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। वह राज्यसभा के सदस्य भी दो बार चुने गए थे। बीते कुछ साल से वह लगातार बीमार होते रहे। राजनीति से दूरी बनाई। वह साल 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे लेकिन साल 2021 तक, अपनी पुरानी पार्टी टीएमसी में लौट गए थे। 

 

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कैसा था राजनीतिक करियर?

मुकुल रॉय 1998 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के समय उसके संस्थापक सदस्यों में से एक थे। पार्टी से मतभेद होने के बाद वह 2017 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की राह चुनी थी। मुकुल रॉय, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी के टिकट पर कृष्णानगर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक बने, लेकिन चुनाव के बाद तृणमूल में वापस लौट आए।

मुकुल रॉय ने अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान, 2011 में यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में रेल मंत्री के रूप में कार्य किया। उस समय तृणमूल कांग्रेस केंद्र सरकार का हिस्सा थी। वह पश्चिम बंगाल से दो बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। उनके निधन पर देश के दिग्गज नेताओं ने दुख जताया है।