दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक आतिशी के विधानसभा में सिख गुरुओं को लेकर दिए गए बयान पर विवाद अब भी जारी है। शनिवार (17 जनवरी) को दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने साफ किया कि आतिशी के बयान से जुड़ा वीडियो पूरी तरह सही है और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि वीडियो की जांच करवाई गई है और वह सही पाया गया है।

 

इससे पहले दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आतिशी ने अपने बयान में 'गुरु' शब्द का इस्तेमाल किया था या नहीं। उनका दावा था कि आतिशी ने यह शब्द नहीं कहा लेकिन रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस वीडियो के जरिए धार्मिक विवाद खड़ा करने की कोशिश की है और इसके लिए जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।

 

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स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का बयान

 

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विपक्षी दल AAP के अनुरोध पर 8 जनवरी को वीडियो क्लिप को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। फोरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो असली है और इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने जल्दबाजी में अपनी तरफ से फोरेंसिक जांच करवाई और उसी आधार पर मामला दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि मोहाली स्थित FSL से एक ही दिन में जांच करवा कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई।

स्पीकर ने आगे कहा कि जालंधर कोर्ट ने भी अपना फैसला उन्हीं सबूतों के आधार पर दिया, जो पुलिस और FSL मोहाली ने दिया था। उन्होंने बताया कि वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया गया है। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने इस पूरे मामले और पंजाब सरकार की कराई गई वीडियो की फोरेंसिक जांच को लेकर CBI से जांच कराने की मांग करने की बात कही।

 

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गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद दिल्ली विधानसभा में AAP के मुख्य सचेतक संजीव झा ने मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर करने को लेकर विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग की थी।

 

यह पूरा मामला 6 जनवरी का है, जब आतिशी ने विधानसभा में यह बयान दिया था। इस बयान को सिख गुरुओं के अपमान के रूप में देखा गया, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक विवाद में बदल गया।