इजरायल, अमेरिका और ईरान की जंग में 9 हजार से ज्यादा भारतीयों की जान दांव पर है। विदेश मंत्रालय ने संसद में बताया है कि ईरान में 9000 भारतीय आज भी फंसे हुए है। इन लोगों में छात्र, व्यवसायी, कारखाना कर्मचारी, तीर्थयात्री, नाविक और मछुआरे शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय से यह सवाल पूछा गया था कि ईरान में अब भी मौजूद भारतीय नागरिकों के विवरण क्या हैं। उनकी सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों क्या हैं, आपातकालीन हेल्पलाइन, कांसुलर टीमों की तैनाती और ईरानी अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं क्या हैं ?
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ईरान में फंसे भारतीयों के लिए निर्देश क्या हैं?
विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मारग्रेटा ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय दूतावास ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने, स्थानीय मीडिया से जानकारी लेते रहने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है।
कितने भारतीय फंसे हैं?
विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मारग्रेटा ने कहा, 'ईरान में करीब 9000 भारतीय हैं। मंत्रालय और ईरान में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए समय-समय पर सलाह जारी की है। 5 जनवरी, 14 जनवरी, 23 फरवरी, 28 फरवरी और 3 मार्च 2026 को एडवाइजरी जारी किए गए जिसमें ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने और जो लोग वहां जाना चाहते हैं, उनके लिए उपलब्ध साधनों से लौटने की सलाह दी गई।'
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भारत लाने की क्या तैयारी है?
पवित्रा मारग्रेटा, विदेश राज्य मंत्री:-
ईरान और क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, मंत्रालय ने नई दिल्ली में विशेष नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया है। तेहरान में भारतीय दूतावास भी आपातकालीन हेल्पलाइन और ईमेल सेवाओं के माध्यम से ईरान में रहने वाले भारतीयों की सहायता कर रहा है।
भारत लौटने की मंशा रखने वाले नागरिकों के लिए दूतावास अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने में भी मदद कर रहा है। ईरान में फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
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28 फरवरी से ही फंस गए हैं लोग
ईरान, अमेरिका और इजरायल से एक साथ भिड़ रहा है। जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया। आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद से ईरान ने खाड़ी के देशों में भीषण बमबारी की है, जिसकी वजह से पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण हैं।
