नागपुर की एक विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकवादी आफसर पाशा और गैंगस्टर जयेश पुजारी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को वसूली की धमकी देने के मामले में दोषी करार दिया है। जनवरी 2023 में नितिन गडकरी के नागपुर के सिताबुल्डी स्थित ऑफिस में कई बार फोन करके धमकाया गया।
कॉल करने वालों ने कहा कि अगर कर्नाटक में 100 करोड़ रुपये नहीं दिए गए तो ऑफिस उड़ा दिया जाएगा। पुलिस जांच में पता चला कि यह धमकी जेल में बंद गैंगस्टर जयेश पुजारी उर्फ शाकिर ने दी थी। वह बेलगावी की हिंदलगा सेंट्रल जेल में बंद था। उसने आफसर पाशा के कहने पर यह काम किया।
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अफसर पाशा कौन है?
आफसर पाशा लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव है और 2022 के मंगलुरु कूकर ब्लास्ट मामले का मास्टरमाइंड माना जाता है। शुक्रवार को नागपुर की विशेष अदालत ने यह फैसला सनाया है।
फैसला सुनाने वाले जज कौन हैं?
जज अनिल कुमार शर्मा ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दोषी ठहराया। दोनों अपराधी, नागपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अदालत ने अपराधी को सख्त कैद की सजा सुनाई है साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
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क्या है पूरा मामला?
14 जनवरी 2023 को नितिन गडकरी के नागपुर स्थित जनसंपर्क कार्यालय के लैंडलाइन नंबर पर तीन धमकी भरे फोन आए। आरोपी ने खुद को अंडरवर्ल्ड से जुड़ा बताया और 100 करोड़ रुपये बेंगलुरु भेजने की मांग की। भुगतान न करने पर गडकरी की हत्या, बम और AK-47 से हमला और कार्यालय उड़ाने की धमकी दी। पुलिस जांच में दोनों आरोपियों की संलिप्तता साबित हुई। अदालत ने मौखिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर उन्हें दोषी पाया।
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई है?
अदालत ने दोनों को अलग-अलग धाराओं के तहत 2 से 5 वर्ष तक की कठोर कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
