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68 साल के गडकरी रिटायरमेंट पर बोले, 55 साल के संदीप जोशी ने संन्यास ही ले लिया

नितिन गडकरी ने रविवार को एक बयान दिया था कि धीरे-धीरे रिटायर होकर नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देनी चाहिए। अब उनके एक करीबी ने राजनीति से ही संन्यास का एलान कर दिया है।

sandeep joshi and nitin gadkari

संदीप जोशी और नितिन गडकरी, Photo Credit: Social Media

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केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नितिन गडकरी का एक बयान सोमवार को खूब चर्चा बटोर रहा है। एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कह दिया कि जब काम ठीक चल रहा हो तो पुरानी पीढ़ी को रिटायर हो जाना चाहिए। उन्होंने ये बातें 'एडवांटेड विदर्भ' कार्यक्रम में कहीं। जाहिर है कि यह बात दूर तलक जानी थी और कयास भी लगाए गए कि क्या नितिन गडकरी खुद ही रिटायर हो जाएंगे? इन कयासों पर नितिन गडकरी का तो जवाब नहीं आया लेकिन देवेंद्र फडणवीस और गडकरी के खास संदीप जोशी ने सोमवार को ही सबको चौंका दिया। 68 साल के नितिन गडकरी ने सिर्फ रिटायरमेंट की चर्चा भर की थी। सिर्फ 55 साल के संदीप जोशी ने राजनीति से रिटायरमेंट लेने का एलान कर दिया।

 

अचानक राजनीति छोड़ने वाले संदीप जोशी मौजूदा वक्त में महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भी हैं। वह नागपुर नगर निगम (NMC) के मेयर भी रहे हैं। बीजेपी में भी उनकी धाक रही है। हैरानी की बात यह भी है कि संदीप जोशी का एलान ऐसे वक्त हुआ है जब उनके खास देवेंद्र फडणवीस दावोस गए हैं। कहा जा रहा है कि संदीप जोशी पहले से ही इसकी तैयारी कर रहे हैं। विधान परिषद में उनका कार्यकाल 13 मई 2026 को खत्म हो रहा है।

 

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क्या बोले संदीप जोशी?

 

संदीप जोशी ने अपने इस फैसले के बारे में कहा है, 'मुझे इस बात का भान है कि पार्टी ने मुझे बड़ा बनाया। ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व नितिन गडकरी जी और देवेंद्र फडणवीस जी से माफी के साथ आज मैं अपने इस फैसले का एलान कर रहा हूं। मैं अपना कार्यकाल पूरा करूंगा क्योंकि पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी है। 13 मई के बाद मैं पार्टी से कोई टिकट नहीं मांगूंगा। मुझे टिकट दिया भी जाएगा तो मैं विनम्रता से अस्वीकार कर दूंगा।'

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए राजनीति का मतलब सत्ता या सम्मान से ज्यादा निस्वार्थ सेवा का जरिया रही है। मौजूदा वक्त में सत्ता और अवसरवादिता के लिए बढ़ती प्रतियोगिता न सिर्फ आम मतदाताओं बल्कि वफादार कार्यकर्ताओं के लिए भी मुश्किलें पैदा करती है। सीटों की सीमित संख्या और बढ़ती उम्मीदों के चलते कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है और यह कड़वा सच है।' 

 

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पार्टी से नाराजगी के सवाल पर संदीप जोशी ने कहा, 'अरे हट! बिल्कुल नाराजगी नहीं। संदीप जोशी बीजेपी का कट्टर कार्यकर्ता है। बीजेपी ने पीठ में खंजर भी घोंपा तो वह भी कुबूल रहेगा और हंसते-हंसते करेगा। कम से कम 20-22 नगर सेवकों को मैंने बताया कि तुझे खड़ा नहीं रहना है, तुझे समझना है। पार्टी ने बड़ा किया है, पार्टी हमारी मां है। नाराजगी होती तो मैं पोस्ट करके गायब हो जाता।'

गडकरी ने क्या कहा था?

 

रविवार को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा था, 'आशीष काले के पिता मेरे मित्र हैं। अब हमें धीरे-धीरे रिटायर होना चाहिए और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप देनी चाहिए। जब यह व्यवस्था सही से चलने लगे तो हमें भी रिटायर होकर कोई और काम करना चाहिए।'

 

नितिन गडकरी ने यह बयान असोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलमेंट (AID) की ओर से आयोजित 'एडवांटेज विदर्भ' कार्यक्रम में कहीं। आशीष काले इसी AID के अध्यक्ष हैं और उन्होंने ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।


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