प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति की उम्मीद जताई और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आजादी पर जोर दिया। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने भारत में ब्रिक्स (BRICS) ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के सफल आयोजन की सराहना की और उम्मीद जताई कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर ईरान और भारत के बीच सहयोग भविष्य में और मजबूत हो सकता है। 

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत की ओर से शोक व्यक्त किया गया है। भारत ने ईरान के साथ सहानुभूति जताई है। हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 17 जून को एक समझौते पर दस्तखत किए थे, जिससे दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म करने का रास्ता बना। 

 

इसी के बाद पीएम मोदी ने पेजेश्कियन से बात की। भारत ने इस समझौते का स्वागत किया है क्योंकि इससे क्षेत्र में शांति लौटेगी और तेल आयात के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते सुरक्षित रहेंगे।

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बैठक में किन बातों पर हुई चर्चा?

होर्मुज स्ट्रेट, दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक है। भारत अपना ज्यादातर तेल यहां से आयात करता है। हाल के युद्ध के दौरान इस रास्ते पर खतरा बढ़ गया था, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई और कई भारतीयों की जान भी गई। पीएम मोदी ने इस रास्ते में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति को भारत में होने वाले BRICS लीडर्स समिट में आने का निमंत्रण दिया। भारत उम्मीद करता है कि यह बैठक सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाएगी। दोनों देश कई मुद्दों पर एक-दूसरे के करीब हैं।

 

आयतुल्ला अली खामेनेई के निधन पर भारत ने शोक जताया है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में उनकी मौत हो गई थी। पीएम मोदी ने इस पर शोक व्यक्त किया। भारत एक विशेष प्रतिनिधिमंडल उनके अंतिम संस्कार में भेज रहा है। आयतुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से तेहरान में शुरू होगा और 9 जुलाई को मशहद में दफनाया जाएगा।  

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क्या प्रधानमंत्री मोदी अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद खुद न जा पाएं क्योंकि उनकी तीन देशों की यात्रा तय है। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे।  

ईरान पर क्या सोच है भारत

ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की शांति प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना चाहिए,आक्रामकता और बल प्रयोग की कोई जगह न रहे। भारत का रुख हमेशा से यही रहा है कि सभी विवाद बातचीत और कूटनीति से सुलझाए जाएं। दोनों देशों के बीच पिछले महीनों में BRICS के स्तर पर भी संपर्क बने रहे। यह बातचीत क्षेत्र में शांति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।