हैदराबाद के सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान जंग पर भारत सरकार के रुख की कड़ी आलोचना की। उनका दावा है कि अगर प्रधानमंत्री न्यूट्रल होते तो जंग रुकवाने में उनकी बात में अधिक वजन होता। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस के अलावा पश्चिमी देशों के रुख पर भी निशाना साधा। 


ओवैसी ने कहा कि जब गैस की सप्लाई रुक गई तो सब यही बोल रहे हैं कि जंग खत्म होनी चाहिए। लोग मरते हैं तो मरने दो, मगर गैस कैसे रोक ली। ओवैसी ने आगे कहा कि इंसानियत का दंभ करने वाले पश्चिम देशों तुम्हारे मानवाधिकार क्या हैं, हम देख चुके हैं। जब स्कूल में बच्चे मरे तो तुमको याद नहीं आई। अब तुम्हारे मुल्क में गैस नहीं आ रही तो बोल रहे हो कि नहीं गैस आना चाहिए। जंग बंद होनी चाहिए।

 

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हैदराबाद के सांसद ने बीजेपी और आरएसएस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'हमारे पास सिर्फ साढ़े नौ दिन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है। जबकि आईआईए बोलता है कि 90 दिन का होना चाहिए। अगर आप ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मिला लें तो 74 दिन का तेल है। इस पर ये नहीं बोलेंगे, बल्कि मुंबई में संघ परिवार की पिक्चर को जाकर देखेंगे। पिक्चर देखने के बाद लोगों को कसम खिलाई जाएगी कि हम मुसलमानों का कुछ नहीं लेंगे। अब तुम तेल क्यों ले रहे हो, गैस क्यों ले रहो हो? बोलिए कि कतर की गैस और सऊदी अरब का पेट्रोल नहीं लेंगे। बोलिए कि गुजरात में हम यूएई का इनवेस्टमेंट नहीं चाहेंगे। बोलिए कि सऊदी अरब का फंड रिलायंस पर नहीं डालना चाहिए।'

 

 

 

'ईरान के बाद तुर्की का नबंर'

ओवैसी ने दावा किया कि ट्रंप और नेतन्याहू गाजा की तरह ईरान को बर्बाद करना चाहते हैं। अगर कोई समझ रहा है कि ईरान बर्बाद हो जाएगा तो उसके बाद कुछ नहीं होगा। उसके बात तुर्की की बारी आएगी। पूरे अरब देशों की बारी आएगी।  

उनको आना था, ये चले गए: ओवैसी

ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनके बारे में जितना भी बोले, उतना ही कम है। अमेरिका अपनी पूरी फौज को जमा कर रहा है। दो-दो एयरक्रॉफ्ट करियर भेज दिया। 400 अपने फाइटर जेट्स भेज दिए। मोदी के दोस्त नेतन्याहू कहते हैं कि आ जाओ न जरा। उनको (नेतन्याहू) आना था। ये (मोदी) चले गए। जाने के बाद अब बोल रहे हैं कि हमको नहीं मालूम था कि ऐसा होगा।

 

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'अब प्रोडक्शन की समस्या आ गई'

पीएम मोदी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा, 'आपको कोई रॉकेट साइंटिस्ट होने की जरूरत नहीं है। आप जानकर गए कि हमला होगा। आप यह जानकर गए कि अमेरिका ने दो एयरक्राफ्ट करियर और 400 जेट को तैयार रखा था। आप वहां से निकले और हमला शुरू हो गया। अब गैस नहीं है। भारत की 60 फीसद गैस कतर और सऊदी अरब से आयात होता है। 60 फीसद तेल और 90 फीसद गैस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। पहले स्ट्रेट के बंद होने से लॉजिस्टिकल समस्या थी। अब वहां प्रोडक्शन की समस्या हो गई। कतर की गैस फील्ड पर बमबारी हो गई। अब वहां पर आठ महीने के बाद गैस का उत्पादन शुरू होगा।'

 

 

 

'प्रधानमंत्री को कोई फिक्र नहीं'

ओवैसी ने कहा, 'सरकार बोल रही है कि हमारे पास गैस है। मगर इनकी जबान की गैस से देश पिछले 11 साल से परेशान है। छोटी-छोटी दुकानें खत्म हो गईं। मंडी पर कारोबार करने वाले लोग खत्म हो गए। हाइवे पर ढाबे बंद हो गए। मगर देश के प्रधानमंत्री को कोई फिक्र नहीं है। मैं पहले से ही कह रहा था कि हम न ईरान के साथ थे, न अरब देशों के साथ थे। हम सबके साथ थे। ओवैसी ने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री न्यूट्रल होते तो उनकी बात में और वजन होता।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं कल से देख रहा हूं कि प्रधानमंत्री इनसे बात कर रहे हैं, उनसे बात कर रहे हैं। आप खुलकर बोलिए कि यह जंग गलत है।'