बंगााल का चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मिशन यूपी को सफल बनाने की मुहिम में जुट गई है। इसको लेकर पूरे प्रदेश में बंगाल माॅडल की तरह 1.76 लाख बूथ पालक को तैनात किया जाएगा। बूथ पालक अपने क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के संपर्क में रहेंगे। वे बूथ अध्यक्ष सहित कमेटी के लोगों के निर्देशन में काम करेंगे। मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद से बीजेपी संगठन को मजूबत करने की तैयारी में लग गई है।
एक वर्ष बाद यूपी में विधानसभा चुनाव संभावित है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चैधरी और महामंत्री धर्मपाल सिंह ने जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की थी। वर्ष 2022 में विधानसभा में हारी 61 और लोकसभा की 37 सीटों पर विशेष ध्यान रखने को निर्देश दिए गए है। हार की वजह जानने और फिर से जीतने के लिए बूथवार समीक्षा की जाएगी।
विपक्ष की कमजोरियों को जानने का प्रयास
बीजेपी ने एक माह में सभी मंडलों 27 हजार शक्ति केंद्रों, 1.62 लाख बूथों का आकलन करने का फरमान पदाधिकारियों को सुनाया है। एसआईआर के बाद नए बने 14 हजार बूथों और कमेटी गठित करने का काम भी जल्द किया जाएगा। पदाधिकारियों को विपक्षी दलों की मजबूती और कमजोरी के संबंध में रिपोर्ट बनाकर भेजने के आदेश दिए गए है।
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पन्ना प्रमुख और शक्ति केंद्र मतदाताओं से करेंगें संपर्क
पन्ना प्रमुखों को मतदाता सूची में 35 वोटरों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है। पन्ना प्रमुख एक एक वोटर को मतदान केंद्र तक लेकर जाएगा। इसके साथ ही वह वोटरों की समस्याएं सुनने के साथ उसके निदान के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों को बताएगा। शक्ति केंद्र को 15 वोटरों से संपर्क करने का आदेश दिया गया है। इसमें वे वोटर शामिल हैं जो कि दूसरी पार्टियों को मतदान करते थे।
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तीसरी बार जीत के लिए नियुक्त किए जाएंगे विधानसभा प्रभारी
यूपी में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए तीसरी बार शीघ्र सभी विधानसभाओं में प्रभारियों को नियुक्त किए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया। विधानसभा प्रभारी दूसरे जनपदों के लोगों को बनाया जाएग। हर जिले में प्रत्येक माह कोर कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। जिसकी प्रदेश स्तर पर समीक्षा होगी।
