उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। समाजवादी पार्टी, लगातार 10 साल से सत्ता से बाहर है और सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। साल 2024 में हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी को उत्तर प्रदेश में बढ़त मिली थी। इसी कामयाबी को अब, पार्टी विधानसभा चुनावो में भी भुनाना चाहती है। समाजवादी पार्टी ने इसी वजह से चुनावी रणनीति तैयार करने वाली कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के साथ एक डील की है। 

आई-पैक वही कंपनी है, जिसके को-फाउंडर प्रशांत किशोर रहे हैं। प्रशांत किशोर अब जन सुराज पार्टी के नेता हैं। आई-पैक की ज्यादातर टीम अभी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में व्यस्त है, इसलिए यूपी में काम, पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद शुरू होगा। 

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किन पार्टियों के लिए काम कर चुकी है I-PAC?

साल 2014 में प्रशांत किशोर की अगुवाई में आई-पैक ने भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी। बाद में बीजेपी के साथ प्रशांत किशोर की अनबन शुरू हुई। साल 2023 के बाद वह वैकल्पिक राजनीति में सक्रिय हो गए। आई-पैक ने टीएमसी, डीएमके, AAP और जेडीयू के लिए भी काम किया है। 

समाजवादी पार्टी को सलाह क्या मिली है?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अखिलेश यादव ने आई-पैक प्रतिनिधि को विधायकों से मिलवाया था। सोशल मीडिया पर ज्यादा जोर देने की कवायद की जा रही है। विधायकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र के विकास और कल्याणकारी कार्यों को सोशल मीडिया पर हाइलाइट करें, विरोधियों की आलोचना कम करें और AI जनरेटेड पोस्ट से बचें। 

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आई-पैक का काम क्या होगा?

आई-पैक सोशल मीडिया कैंपेन संभालेगा, फेक न्यूज से निपटेगा और राज्य, जिला और विधानसभा स्तर पर विस्तृत योजना तैयार करेगा। फर्म का लक्ष्य सोशल मीडिया से नैरेटिव सेट करना और जमीनी स्तर पर पार्टी के पक्ष में प्रचार कराना है। 

कब से शुरू होगी कैंपेनिंग?

आई-पैक फिलहाल टीएमसी के लिए बंगाल में काम कर रही है। यूपी में चुनावी अभियान, बंगाल चुनाव के बाद शुरू होगा। विनेश चंदेल यूपी टीम के प्रमुख होंगे। वह आई-पैक के डायरेक्टर है। यूपी की टीम उन्हीं के निर्देशन में काम करेगी। विनेश चंदेल उत्तर प्रदेश अभियान की कमान संभालेंगे।

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समाजवादी पार्टी के लिए बीते चुनाव कैसे रहे हैं?

समाजवादी पार्टी ने साल 2012 के विधानसभा चुनाव में 224 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी। पार्टी का वोट शेयर 29.13 प्रतिशत थी। साल 2017 में समाजवादी पार्टी की हार हुई, 47 सीटों पर आ गए। साल 20222 में 111 तो मिलीं, 32 फीसदी वोट शेयर भी हुआ लेकिन सत्ता से बाहर रहे। 2 बार से लगातार बीजेपी जीत रही है।