हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इन दिनों चर्चा में हैं। एक समय जो परिवार हरियाणा की सत्ता का केंद्र था, अब उसी परिवार का एक बेटा अफसरों से अपना रास्ता रोके जाने का जवाब मांग रहा है लेकिन लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। चंद साल पहले यही दुष्यंत चौटाला भावी मुख्यमंत्री कहे जा रहे थे और अब मौजूदा मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं कि सब उन्हीं के इशारे पर हो रहा है। हरियाणा की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ साल 2024 तक सत्ता के साझेदार रहे दुष्यंत चौटाला के साथ हुई इस घटना को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर बीजेपी की सरकार क्या संदेश देना चाह रही है? 

 

यह विवाद हरियाणा के हिसार में स्थिति गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाए थे कि जब वह गिरफ्तारी देने जा रहे थे तब सादी वर्दी में आए एक पुलिसकर्मी ने उन पर पिस्टल तान दी थी। इसका वीडियो भी सामने आया था जिसमें देखा गया कि दुष्यंत चौटाला के एस्कॉर्ट की एक गाड़ी के सामने एक पुलिसकर्मी पिस्टल लेकर खड़ा है। हालांकि, दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला वहां पहुंचे तो वह पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठकर वहां से चला गया। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

 

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दबदबे को चुनौती

हरियाणा की राजनीति में यह घटना हैरान करने वाली है क्योंकि लंबे समय से हरियाणा की सत्ता का केंद्र रहे चौटाला परिवार की हनक हमेशा रही है। चाहे वह चौधरी देवी लाल रहे हों, उनके बेटे ओम प्रकाश चौटाला या फिर दुष्यंत चौटाला। सत्ता से नजदीकी रहने के चलते चौटाला परिवार बेहद प्रभावी रहा है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग दलों के साथ मिलकर सरकार चलाई और अपना दबदबा कायम रखा। 2019 के चुनाव से पहले INLD में टूट हुई और नई बनी पार्टी जननायक जनता पार्टी (JJP) के जरिए दुष्यंत चौटाला खुद डिप्टी सीएम रहे और सरकार के कई अहम मंत्रालय संभाले।

2024 के चुनाव ले पहले दुष्यंत चौटाला सरकार से अलग हो गए और उनके कई विधायकों ने भी पाला बदल लिया। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उतरी JJD को बंपर नुकसान हुआ और डिप्टी सीएम रहे दुष्यंत की पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। खुद दुष्यंत चौटाला और उनकी मां नैना चौटाला को भी हार मिली। 

 

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सत्ता से बाहर होने का असर उस दिन दुष्यंत चौटाला की बातों में दिखा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा था, 'मैंने हरियाणा के डीजीपी को फोन किए तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। कॉलबैक भी नहीं किया। मैंने मैसेज किया तो उन्होंने मेरा नंबर ही ब्लॉक कर दिया।'