तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में हुए बहुमत परीक्षण में पास हो गए हैं। उनके पक्ष में 144 वोट पड़े। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) विधायकों ने वोटिंग का बहिष्कार किया है। विजय के पास सरकार गठन से पहले 118 विधायकों का समर्थन नहीं था। सरकार गठन के लिए वह दावा कर रहे थे। उन्हें राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर के बाद 4 बार, दावेदारी पेश करने जाना पड़ा। अब उनके पास 144 विधायकों का समर्थन है।

ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के विरोध के बाद भी उनके पार्टी के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की और विजय के पक्ष में वोट डाले। 

AIADMK के नेता सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि ने विजय के पक्ष में वोट किया। वोटिंग के दौरान सदन में हंगामा भी हुआ। विजय ने मंगलवार को ही विद्रोही गुट के AIADMK विधायकों से मुलाकात की थी। 

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सदन में विजय के पक्ष में कितने वोट पड़े?

विजय को टीवीके के 105 विधायकों के अलावा कांग्रेस के 5, CPI के 2, CPI(M) के 2, IUML के 2, VCK के 2, AMMK के 1 और AIADMK के विद्रोही गुट के 25 विधायकों का समर्थन मिला। जब AIADMK के के विधायक सदन में विजय के समर्थन में खड़े नजर आए, पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट ने हंगामा भी किया। उनके न चाहने के बाद भी विजय को पर्याप्त वोट पड़ गए। अब अगर सिर्फ AIADMK के बागी विधायक ही साथ रहें और विजय से दूसरी पार्टियों के सारे विधायक हाथ पीछे खींच लें तो भी सरकार सुरक्षित रहेगी। 

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कैसे फ्लोर टेस्ट में छा गए विजय?

विजय को CPI, CPI(M), VCK, IUML और निष्कासित AMMK विधायक ने भी पहले से ही उनका समर्थन दे दिया था। AIDMK के 25 बागी विधायकों के साथ आने से विजय का वोट और बढ़ गया। पहले विजय की सरकार अल्पमत की आशंका में घिरी थी, अब चुनाव के बाद हुए इस गठबंधन की वजह से विजय की राह और आसान हो गई है।