पंजाब की सियासत में सोमवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जिसने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के खेमे में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
ज्ञान सिंह मान के BJP में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। हाल के दिनों में AAP के कई नेताओं और सांसदों के BJP के साथ आने की चर्चाएं तेज रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी रिश्तेदार का BJP में जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
यह भी पढ़ें: फ्रंटल संगठन और विभाग अधूरे, UP में कैसे मजबूत हो पाएगी कांग्रेस?
ज्ञान सिंह मान ने कहा, 'पंजाब की जनता उनकी (AAP) बातों में आ गई थी और 2022 में उन्हें सत्ता सौंप दी। सत्ता में आते ही बदल गए। आम आदमी से खास आदमी बन गए। लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की बजाय उल्टा काम करना शुरू कर दिया। इससे मैं उनकी पार्टी से काफी दुखी हो गया और इसलिए पार्टी छोड़ने का फैसला किया। BJP सबका साथ, सबका विकास के नारे के साथ आगे बढ़ रही है, इसी सोच ने मुझे बीजेपी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पंजाब के लिए अगर कोई काम कर सकती है तो वो सिर्फ बीजेपी ही है।'
यह भी पढ़ें: 'मिटाने की कोशिश की, खुद मिट गए,' सनातन पर CM योगी ने किसे सुनाया?
पहले भी AAP छोड़ चुके कई बड़े चेहरे
पिछले महीने AAP के तीन सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के BJP में शामिल होने की खबरों ने पहले ही पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी थी। इसके अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल भी बाद में BJP में शामिल हो गए थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पंजाब में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और बीजेपी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
