तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, वैसे राज्य में सियासी चालें तेज हो रही हैं। जहां बीजेपी अपने साथी AIADMK के साथ मिलकर अपने गठबंधन का कुनबा बढ़ा रही है तो वहीं सत्तारूढ़ डीएमके एक बार फिर से सत्ता में आने के लिए हर पैंतरा आजमा रही है। डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चुनाव जीतने के लिए बड़ा दांव खेला है। उन्होंने राज्य की 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में पांच-पांच हजार रुपये जमा किया है, जिससे विरोधी दलों के होश उड़ गए हैं। क्योंकि महिलाओं के खाते में सीधे पैसे भेजना आजमाया हुआ वह नुस्खा है, जिसे आजमाकर बीजेपी बिहार और दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों के चुनाव जीत चुकी है।
दरअसल, मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा है कि अगर डीएमके की सत्ता में वापसी हुई तो महिलाओं को मासिक सहायता 2000 रुपये दी जाएगी। इसमें डीएमके सरकार अभी तक हर महीने 1,000 रुपये सीधे ट्रांसफर करती है। मुख्यमंत्री ने कलैगनार अधिकार योजना के तहत महिलाओं को पांच-पांच हजार रुपये दे चुकी है। 2021 में मुख्यमंत्री बनने के बाद 2024 के लोकसभा चुनावों में डीएमके का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस बार राज्य में उसका मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए से होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि तमिलनाडु में महिलाओं के खाते में सीधे पांच हजार भेजकर सीएम एमके स्टालिन सरकार बीजेपी के रास्ते पर कैसे चल रही है...
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1,000 से बढ़कर 2,000 होगी राशि
वर्तमान तमिलनाडु सरकार कलैग्नार मगलिर उरिमाई थोगई योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देती रही है। यह योजना सितंबर 2023 में शुरू हुई थी। योजना में पात्र महिलाओं (परिवार की मुखिया) के बैंक खाते में हर महीने 1,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं। इसी योजना के तहत सीएम स्टालिन ने पैसों की रकम एक हजार से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने की घोषणा की है। दोबारा सरकार आने पर यह लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके घरेलू खर्चों, बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों आदि के लिए मदद करने के उद्देश्य से है।

योजना का पेंच समझिए
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 13 फरवरी 2026 को एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने 1.31 करोड़ पात्र महिलाओं के खातों में एक साथ 5,000 रुपये जमा कर दिए। यह राशि इस तरह बांटी गई... फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए पात्र महिलाओं को अग्रिम भुगतान किया गया। 3,000 रुपये (1,000 × 3 महीने)। वहीं, गर्मियों के विशेष पैकेज के तौर पर 2,000 रुपये दिए गए। इस तरह से यह राशि पांच हजार रुपये हो जाती है, लेकिन यह राशि एक साथ महिलाओं को मिली है। पैसे ट्रांसफर किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बहाने योजना को रोका न जा सके, इसलिए महिलाओं को एडवांस में पेमेंट किया है।
तमिलनाडु में महिला वोटरों की संख्या
डीएमके का यह कदम चुनाव से एन वक्त पहले महिलाओं को लुभाने के तौर पर देखा जा रहा है। तमिलनाडु में महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों के बराबर है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में महिलाओं को टारगेट करके उनके खाते में पैसे भेजना डीएमके की बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु में कुल वोटरों की संख्या (SIR से पहले) 6.23 करोड़ से अधिक है, जिसमें महिलाएं 3.17 करोड़ से ज्यादा हैं। इस लिहाज से महिला वोटरों की संख्या कुल वोटर्स का लगभग 51 फीसदी है। वहीं, पुरुष वोटरों की संख्या 49 फीसदी है। यह आंकड़ो 2024 के लोकसभा चुनाव के समय के हैं।
पिछले 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन ने 37.70 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था। गठबंधन ने राज्य की कुल 234 सीटों में से 159 सीटों जीती थीं। इसमें से अकेले डीएमके ने 133 सीटें जीतीं। इसके मुकाबले में तत्तकालीन सत्ता पर काबिज AIADMK गठबंधन ने कुल मिलाकर 75 सीटें ही जीत सकी थी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी डीएमके राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से 39 सीटें जीतकर बेहतर प्रदर्शन कर चुकी है। ऐसे में महिलाओं के बैंक खाते में एक साथ पाचं हजार रुपये भेजकर डीएमके ने मास्टर कार्ड खेला है।
बीजेपी की राह पर स्टालिन
दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए महिला समृद्धि योजना के तहत हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। इसी तरह से नवंबर 2025 में बिहार की एनडीए सरकार ने महिलाओं के बैंक खाते में सीधे दस हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। इसी तरह से बीजेपी की असम सरकार ओरुनोदोई योजना के तहत जल्द ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता देने पर विचार कर रही है। चुनाव बाद बीजेपी ने नेतृत्व वाले एनडीए को जबरदस्त जीत मिली। इस जीत में महिलाओं को दी गई इसी राशि को एक बड़ा फैक्टर माना गया।
इसी तरह से एमके स्टालिन सरकार ने महिलाओं के खाते में सीधे पांच हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं। कहीं ना कहीं डीएमके भी बीजेपी की रणनीति अपना कर महिलाओं को अपने पक्ष में करना चाह रही है।
