भारतीय जनता पार्टी (BJP) कर्नाटक में अपने मजबूत कैडर बेस के बाद, अब तमिलनाडु में भी अपनी पार्टी का विस्तार करना चाह रहा है। साल 2014 के बाद से ही पार्टी लगातार कोशिश कर रही है लेकिन बड़ी कामयाबी हासिल नहीं हो पा रही है। कर्नाटक में चेहरे हैं, आंध्र प्रदेश में गठबंधन है लेकिन केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विजय अभियान थम जाता है। वजह यह है कि स्थानीय स्तर पर बीजेपी के पास चेहरों की कमी है।
तमिलनाडु में बीजेपी के सबसे चर्चित चेहरे रहे अन्नामलाई अब राज्य प्रमुख नहीं हैं, उनकी जगह नैनार नागेन्द्रन को यह जिम्मेदारी मिली है। नैनार, तमिलनाडु में अन्नामलाई की तरल लोकप्रिय नहीं हो पाए हैं। तमिलनाडु में बीजेपी के किसी दूसरे नेता की ख्याति, उस राज्य के बाहर नहीं निकल पाई। जनाधार कम होने की वजह से बीजेपी को तमिलनाडु में जड़ें जमाने में मुश्किलें आ रहीं हैं। संगठन के लिए रणनीति तैयार करने गृह मंत्री अमित शाह, रविवार को तमिलनाडु दौरे पर पहुंच रहे हैं।
तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। बीजेपी, आज भी तमिलनाडु में बाहरी पार्टी बनी हुई है, जिसके पास प्रांतीय स्तर पर बड़े चेहरे बेहद कम हैं। तमिलनाडु में बीजेपी गठबंधन के सहयोगियों के साथ आगे बढ़ेगी। बीजेपी, राज्य में ऑल इंडिया अन्ना द्रविण मुनेत्र कजगम (AIADMK) के साथ गठबंधन में हैं।
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तमिलनाडु में बीजेपी राज्य अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन हैं, जिन्होंने अप्रैल 2025 में के. अन्नामलाई की जगह कमान संभाली। पार्टी AIADMK गठबंधन के जरिए 2026 विधानसभा चुनाव में मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है, जिसमें ये नेता अहम भूमिका निभा रहे हैं।
किन नेताओं के सहारे राज्य में है बीजेपी?
- नयनार नागेंद्रन: नयनार नागेंद्रन, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह तिरुनेलवेली विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने अपनी राजनीति AIADMK से शुरू की थी लेकिन अब बीजेपी के चर्चित चेहरों में शुमार हैं। वह ठेवर समुदाय से आते हैं और उनकी दक्षिणी तमिलनाडु में मजबूत पकड़ मानी जाती है। उन्होंने अन्नामलाई की जगह ली है। अप्रैल 2025 से वह इस पद पर हैं। नयनार नागेंद्रन, पहले AIADMK में कई अहम पदों पर रहे हैं। साल 2001 से 2006 तक जयललिता सरकार में वह बिजली, उद्योग और परिवहन मंत्री रहे हैं। 2017 में वह बीजेपी में शामिल हुए। वह तिरुनेलवेली से तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। साल 2001, 2011 और 2021 में विधायक चुने गए। बीजेपी ने उन्हें संगठन की अहम जिम्मेदारी दी है।
नैनार नागेंद्रन। - के अन्नामलाई: बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं। तमिलनाडु के बाहर इनकी लोकप्रियता सबसे ज्यादा है। वह पुलिस अधिकारी रहे हैं लेकिन अपनी आक्रामक राजनीति की वजह से हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। के अन्नामलाई तमिलनाडु के करूर जिले से आते हैं। उन्होने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आईआईएम लखनऊ से एमबीए किया। 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी रह चुके अन्नामलाई ने कर्नाटक कैडर में उदुपी, चिक्कमगलुरु और बेंगलुरु में सेवा दी है। वह सख्त अधिकारी रहे हैं। साल 2019 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था। साल 2021 में वह बीजेपी के सबसे युवा बीजेपी अध्यक्ष बने। साल 2021 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव लड़े, हालांकि हार गए। वे भाजपा की तमिलनाडु में मजबूती के प्रमुख चेहरा हैं।
के अन्नामलाई।
नयनार नागेंद्रन और अन्नमलाई के अलावा कौन संभाल रहा है बीजेपी?
- एल मुरुगन: केंद्रीय मंत्री हैं और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। वह राज्य के बड़े दलित चेहरों में से एक हैं। हिंदुत्व की राजनीति करते हैं। वह केंद्र में सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं। केंद्रीय नेतृत्व में इनकी बड़ी भूमिका रही है। साल 2017 से 2020 तक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडे़ रहे, साल 1997 में वह संघ से जुड़े। वह अरुंथथियार समुदाय आते हैं।
- वानती श्रीनिवासन: महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। दक्षिण कोयंबटूर से विधायक हैं। महिलाओं की मुखर आवाज हैं। बीजेपी ने इन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी है। वह पेशे से वकील रहीं हैं लेकिन अब तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत स्तंभ बन गई हैं। वह थामराई शक्ति ट्रस्ट चलाती हैं। 2021 में कमल हासन को हराकर पहली बार विधायक बनीं। वह बालिका शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहती हैं। बीजेपी ने उन्हें संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी है।
वानती श्रीनिवासन - केटी राघवन: बीजेपी के प्रवक्ता हैं। चर्चित नेता हैं। साल 2016 में उन्हें कोलथुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। वह संगठन स्तर पर सक्रिय हैं और पार्टी के लिए रणनीति तैयार करने वाले चेहरों में से एक हैं।
- एसजी सूर्या: तमिलनाडु बीजेपी के सचिव हैं। वह यूथ विंग का नेतृत्व करते हैं। डीएमके खिलाफ मुखर रहते हैं। साल 2023 में उन्हें एक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था। बीजेपी उन्हें संगठन स्तर पर मजबूत कर रही है। वह चेट्टियार समुदाय से आते हैं, तमिलनाडु में यह समुदाय प्रभावी है।
- विनोद पी सेल्वम: तमिलनाडु बीजेपी के राज्य सचिव हैं। वह बीजेपी यूथ विंग के पूर्व राज्य प्रमुख रह चुके हैं। साल 2021 में वह हार्बर असेंबली सीट से चुनाव लड़े थे। वह चेन्नई सेंट्रल से 2024 लोकसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार थे। वह भी चेट्टियार समुदाय से हैं।
- एपी रेड्डी: तमिलनाडु बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमर हैं। वह लोकसभा चुनाव में कैंपेन इंचार्ज रहे हैं। रेड्डी समुदाय से आते हैं। संगठन में मजबूत स्थिति है।
- रमा श्रीनिवासन: तमिलनाडु बीजेपी के महासचिव रहे हैं। वह अकादमिक बैकग्राउंड से हैं। साल 2024 में मदुरै से बीजेपी के लोकसभा उम्मीदवार रहे हैं। हिंदुत्व के मुखर चेहरे रहे हैं। ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। संगठन में मजबूत स्थिति है।
- एसआर शेखर: तमिलनाडु बीजेपी के कोषाध्यक्ष हैं। संगठन के मजबूत नेता हैं, ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। जमीन से ज्यादा संगठन और रणनीतिक कामों में जुटे रहते हैं।
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केंद्रीय स्तर के नेता, जो तमिलनाडु में डट गए हैं
भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडु में चुनाव की जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व के तीन बड़े चेहरों पर सौंप दी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बीजेपी का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। वह गठबंधन वार्ता, रणनीति बैठकें और अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ चुनाव सह प्रभारी की जिम्मेदारी अर्जुन राम मेघवाल को दी गई है। वह राज्य स्तर पर संगठनात्मक कार्यों और अभियान समन्वय में शामिल हैं। मुरलीधर मोहोल भी चुनाव सह प्रभारी हैं। बीजेपी ने उन्हें स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर बूथ-स्तरीय तैयारी करने और मतदाताओं से बेहतर संवाद की जिम्मेदारी दी है।
