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अभिषेक बनर्जी पर इतना जोर क्यों दे रही TMC? ममता बनर्जी का प्लान समझिए

अभिषेक बनर्जी, 'आबार जितबे बांगला' यात्रा पर हैं। तृणमूल कांग्रेस के लिए यह अहम क्यों है, उनका कद क्यों बढ़ा है, पढ़िए रिपोर्ट।

Abhishek Banerjee

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी। Photo Credit: PTI

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पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी राज्यवापी 'अबार जिते बांगला' की शुरुआत कर दी है। नारे का मतलब है, बंगाल फिर जीतेगा। अभिषेक बनर्जी पूरे एक महीने तक बंगाल के अलग-अलग जिलों में घूमेंगे। वह रोड शो करेंगे, जनसभाएं करेंगे और लोगों से सीधे संवाद करेंगे। अटकलें लग रहीं हैं कि अब ममता बनर्जी, राज्य में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देना चाहती हैं, वह इसी टर्म में उन्हें अपनी राजनीतिक विरासत सौंप सकती हैं।

अभिषेक बनर्जी, टीएमसी के युवा चेहरे हैं। वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक वारिस हैं। पार्टी में वह नंबर दो की हैसियत रखते हैं। इस यात्रा में वह ममता सरकार की उपलब्धियां गिनाने वाले हैं। वह ममता सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाएंगे। 

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अभिषेक बनर्जी का प्लान क्या है?

अभिषेक बनर्जी राज्य में बंगाल की संस्कृति, भाषा और पहचान की राजनीति कर रहे हैं। मां, माटी और मानुष की सियासत करने वाली ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर रणनीति तैयार कर ली है। टीएमसी का कहना है कि अभिषेक यात्रा में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को घेरें।

अभिषेक बनर्जी, बीजेपी सरकार पर ईडी और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का इस्तेमाल करने के आरोप लगा रहे हैं। वह केंद्र पर दलित, वंचित और मुस्लिमों के उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी का नारा है, 'जोतेई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्ला।' उनका कहना है कि कितना भी हमला करोगे, बीजेपी एक बार फिर पश्चिम बंगाल हारेगी, टीएमसी जीतेगी।

अभिषेक बनर्जी की जनसभा। Photo Credit: PTI

क्या है टीएमसी की रणनीति?

अभिषेक बनर्जी, जमीनी स्तर लोगों से मिलेंगे, कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। टीएमसी के नेताओं का कहना है कि मौजूदा विधायकों और स्थानीय नेताओं को टिकट देना है या नहीं देना है, इसे लेकर भी मंथन किया जाएगा। जिस नेता का फीडबैक बेहतर होगा, मौका दोबारा उसे ही मिलेगा। 

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BJP को कैसे घेर रही है TMC?

TMC का आरोप है कि केंद्र सरकार ने बंगाल के 1.96 लाख करोड़ रुपये के बकाया नहीं दिए। एक आरोप यह भी है कि चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बहाने केंद्र सरकार, बंगालियों का वोट चीन रही है। लोकतांत्रिक दमन, संस्थाओं के दुरुपयोग, संस्थानिक भ्रष्टाचार के आरोप, टीएमसी, बीजेपी पर लगा रही है। बीजेपी इन आरोपों से इनकार करती रही है।
 

टीएमसी नेताओं का एक धड़ा कहता है कि अभिषेक बनर्जी, अब ममता बनर्जी के बराबर का कद पार्टी में रख रहे हैं। कई मामलों में ममता बनर्जी भी उनके फैसलों में दखल नहीं देतीं। टीएमसी को उम्मीद है कि यह यात्रा चुनाव में बड़ा फायदा देगी। ठीक वैसे ही जैसे 2023 की 'नबो जोआर यात्रा' ने पंचायत चुनाव और फिर 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दिलाई थी।

अभिषेक बनर्जी। Photo Credit: PTI

नबो जोआर यात्रा भी 2023 में हिट रही थी। अभिषेक बनर्जी ने तब भी प्रत्याशियों के चयन पर मंथन किया था। नतीजा यह निकला कि लोकसभा में टीएमसी 28 सीटें लेकर आई, बीजेपी सिर्फ 12 सीटों पर सिमट गई। युसुफ पठान और सयानी घोष जैसे चहेरों को अभिषेक बनर्जी का खोज बताया जा रहा है। उनके उम्मीदवारों ने जीत भी दर्ज की। 

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अभिषेक बनर्जी पर जोर क्यों दे रही हैं ममता बनर्जी?

अभिषेक बनर्जी की पार्टी में भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2021 के बाद उन्हें राष्ट्रीय महासचिव का पद मिला। साल 2023 की यात्रा ने उन्हें पश्चिम बंगाल में स्थापित किया। साल 2024 लोकसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन की बैठक में वह हर जगह ममता बनर्जी के साथ नजर आने लगे। अगस्त 2025 में ममता बनर्जी ने उन्हें लोकसभा में टीएमसी का नेता बना दिया। अब उनके समर्थक कहते हैं कि ममता बनर्जी हो सकता है कि धीरे-धीरे राज्य की कमान अभिषेक बनर्जी को सौंप दें। 

यात्रा पर विपक्ष क्या कह रहा है?

अभिषेक बनर्जी की यात्रा को बीजेपी असफल यात्रा बता रही है। जिन वोटरों के नाम SIR में कट गए हैं, उन्हें लेकर वह अपनी जनसभाओं में जा रहे हैं। उनका कहना है कि बीजेपी ने जानबूझकर टीएमसी के वोटबैंक का नाम वोटर लिस्ट से बाहर किया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता राहुल सिन्हा ने कहा है कि लोग तृणमूल कांग्रेस के घमंड से तंग आ चुके हैं। यह यात्रा कुछ नहीं बदल पाएगी। 

सीपीएम नेता समीक लाहिरी ने इस यात्रा को फाइव स्टार यात्रा बताया है। उनका कहना है कि यह यात्रा हवा हवाई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अभिषेक यात्रा करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी और पलायन बड़ा मुद्दा है। बीजेपी का कहना है कि टीएमसी टैक्स चोर पार्टी है, मालदा में राहत के लिए दिए गे पैसे में भी भ्रष्टाचार कर लिया। अभिषेक बनर्जी का यात्रा का कोई मतलब नहीं है।


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