देशभर में होली की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। परंपरा के अनुसार, होली दो दिनों का पर्व है, जिसमें पहले दिन शाम को लकड़ी और उपलों की मदद से होलिका जलाई जाती है और अगले दिन रंग-गुलाल के साथ खुशियां मनाई जाती हैं।

 

पंचांग के अनुसार, इस बार पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू होकर 3 मार्च की शाम तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता को देखते हुए होलिका दहन का मुख्य कार्यक्रम 3 मार्च को संपन्न किया जाएगा, जिसके बाद अगले दिन 4 मार्च को धुलेंडी यानी रंगों वाली होली खेली जाएगी।

 

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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

अगर आप भी इस साल होलिका पूजन की तैयारी कर रहे हैं, तो शुभ समय का ध्यान जरूर रखें।

  • तारीख: 3 मार्च 2026
  • पूजा का समय: शाम 06:22 बजे से रात 08:50 बजे तक।
  • भद्रा का समय: इस दिन भद्रा पूंछ रात 01:25 से 02:35 तक और भद्रा मुख देर रात 02:35 से सुबह 04:30 तक रहेगा।

क्यों जलाई जाती है होली?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा और भगवान विष्णु की कृपा की याद में मनाया जाता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, जीत हमेशा सच्चाई और अच्छाई की ही होती है।

 

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परंपरा और विधि

होलिका दहन के दिन लोग अपने घरों के पास लकड़ियां इकट्ठा करते हैं और शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करते हैं। इस दौरान परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। कई जगहों पर लोग इस पवित्र अग्नि में अपनी नई फसलों के अंश जैसे गेहूं की बालियां भी अर्पित करते हैं, जिसे बेहद शुभ माना जाता है।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।