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धर्म-कर्म

फाल्गुन अमावस्या 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त जानें

साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी को मनाई जाएगी, जो पितृ तर्पण और दान-पुण्य के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इस दिन साध्य और शुभ योग का विशेष संयोग बन रहा है।

खबरगांव डेस्क Feb 02 2026

धर्म-कर्म

अंग्रेजी का लीप ईयर हिंदी के अधिकमास से कैसे अलग है?

लीप ईयर पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में लगने वाले अधिक समय को संतुलित करने का एक तरीका है। अधिकमास चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच के 11 दिनों के वार्षिक अंतर को पाटने की एक आध्यात्मिक और वैज्ञानिक गणना है।

धर्म-कर्म

कपूर नहीं तो क्या? इन चीजों से करें घर में आरती

घर में आरती के लिए कपूर का ज्यादा इस्तेमाल होता है लेकिन आयुर्वेद या हिंदू धर्म में घी, तेल और कई और गुणकारी लकड़ियों का उपयोग किया जा सकता है। इनके इस्तेमाल से वातवरण को शुद्ध करने के साथ सकारात्मकता बनाने के लिए भी किया जा सकता है। 

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फाल्गुन माह शुरू, इस महीने कौन से व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं?

हिंदू पंचांग का अंतिम महीना 'फाल्गुन' जिसमें महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े त्योहारों के साथ बसंत के मौसम की शुरुआत होती है। इस महीने कई व्रत और त्योहार मनाए जाते है जिसे आपको जानना जरूरी है।  

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माघ पूर्णिमा कब है? व्रत के नियम, शुभ मुहूर्त और मान्यताएं

माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में पवित्र स्नान, दान और भगवान विष्णु की अराधना का महाकुंभ है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति पर भगवान की कृपा बनी रहती है।

धर्म-कर्म

मंदिर में नुकीली चीजें या टूटी मूर्तियां क्यों नहीं रखी जातीं?

घर के मंदिर में शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ चीजों को वर्जित माना गया है, ताकि पूजा स्थान की शांति और श्रद्धा बनी रहे।

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बंगाल और उत्तर भारत के सरस्वती पूजा में खास अंतर

जहां उत्तर भारत में सरस्वती पूजा मुख्य रूप से स्कूलों और घरों में सादगीपूर्ण पूजा तक सीमित है, वहीं बंगाल में यह एक विशाल सार्वजनिक उत्सव और सांस्कृतिक पर्व है। इसे बंगाली वैलेंटाइन डे के रूप में भी मनाया जाता है।

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त्रिमूर्ति बालाजी मंदिर, जहां वास करते हैं 33 करोड़ देवी-देवता

गुफाओं में स्थित त्रिमूर्ति बालाजी मंदिर के रहस्य और इसकी आध्यात्मिक महत्ता बहुत ही प्रचलित है। मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां एक साथ 33 करोड़ देवी-देवताओं की उपस्थिति मानी जाती है।

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22 या 23 जनवरी, कब है बसंत पंचमी? शुभ मुहूर्त भी जान लीजिए

साल 2026 में सरस्वती पूजा की तारीख को लेकर बना भ्रम अब पूरी तरह साफ हो गया है। पंचांग के अनुसार, इस साल सरस्वती की पूजा 23 जनवरी 2026, यानी शुक्रवार को ही श्रद्धा और विधि-विधान से की जाएगी।

धर्म-कर्म

जया एकादशी व्रत से जुड़े नियम और महत्व

जया एकादशी माघ मास के शुक्ल पक्ष की वह तिथि है जो मनुष्य को नीच योनियों जैसे पिशाच से मुक्ति दिलाने और मानसिक पापों के नाश के लिए मनाई जाती है।

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तांत्रिकों के लिए गुप्त नवरात्रि का क्या महत्व, सामान्य से कैसे अलग?

सामान्य नवरात्रि जहा सांसारिक सुख और भक्ति के लिए है, वहीं गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तांत्रिकों और साधकों द्वारा कठिन 'दस महाविद्या' साधनाओं के जरिए गोपनीय सिद्धियां प्राप्त करने के लिए मनाई जाती है।

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मौनी अमावस्या व्रत पर क्या गलतियां करते हैं लोग?

मौनी अमावस्या माघ मास की अमावस्या है। इस दिन मौन रहकर पूजा-पाठ करने से मन की शांति और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। साल 2026 में यह पर्व 18 जनवरी को मनाया जाएगा।

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