logo

ट्रेंडिंग:

कपूर के अलावा इन चीजों से भी घर में कर सकते हैं आरती

घर में आरती के लिए कपूर का ज्यादा इस्तेमाल होता है लेकिन आयुर्वेद या हिंदू धर्म में घी, तेल और कई और गुणकारी लकड़ियों का उपयोग किया जा सकता है। इनके इस्तेमाल से वातवरण को शुद्ध करने के साथ सकारात्मकता बनाने के लिए भी किया जा सकता है। 

Representative Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Budget2

भारतीय परंपरा में आरती सिर्फ एक धार्मिक क्रिया नहीं है। इसे वातावरण को शुद्ध करने और पंच तत्वों को संतुलित रखने की एक प्रक्रिया माना जाता है। आरती करने से घर का माहौल साफ और सकारात्मक बनता है। आरती में कपूर का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इसमें तेज सुगंध होती है और इसे नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है। इसके अलावा शुद्ध घी और तेल का भी आरती में इस्तेमाल किया जा सकता है। ये चीजें घर में शांति और सकारात्मकता बनाए रखने में मदद करती हैं।

 

कपूर के अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं जिनसे आरती की जा सकती है। माना जाता है कि उनसे मानसिक शांति मिलती है और घर के वास्तु दोष भी कम होते हैं। हिंदू धर्म में यह विश्वास है कि आरती के माध्यम से अग्नि देवता का आह्वान किया जाता है। 

 

यह भी पढ़ें: फाल्गुन से पहले राशियों पर ग्रहों का असर, क्या बदलेगा? पढ़ें राशिफल

कपूर के अलावा विकल्प

शास्त्रों के अनुसार, अलग-अलग चीजों से की गई आरती का असर हमारे मन और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगर कपूर उपलब्ध न हो या आप कुछ नया तरीका अपनाना चाहते हैं, तो आरती के लिए अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

 

शुद्ध देशी घी की ज्योत- पंचामृत और सात्विक पूजा में घी का स्थान सर्वोच्च है। गाय के घी से आरती करने पर हवा में मौजूद ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

 

तिल या सरसों का तेल- दीपक में तिल के तेल का उपयोग विशेष रूप से शनि दोष निवारण और लंबी साधना के लिए किया जाता है। सरसों का तेल घर से कीटाणुओं को दूर रखने में मदद करता है।

 

गूगल और लोबान- प्राचीन काल से ही गूगल और लोबान का धुंआ आरती के बाद पूरे घर में दिखाने की परंपरा है। यह वातावरण से भारीपन और मानसिक तनाव को कम करने में जादुई असर दिखाता है।

 

यह भी पढ़ें: फाल्गुन माह शुरू, इस महीने कौन से व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं?


चंदन की लकड़ी और अगरबत्ती- चंदन की छोटी लकड़ियों या शुद्ध चंदन के पाउडर को अग्नि पर रखकर आरती करने से मन एकाग्र होता है। इसकी सौम्य सुगंध नींद और क्रोध को कम करने में सहायक है।

 

फूलों की आरती- दक्षिण भारत के कई मंदिरों में केवल दीप से ही नहीं, बल्कि सुगंधित फूलों को हाथ में लेकर मंत्रों के साथ आरती की जाती है, जिसे सूक्ष्म और अहिंसक पूजा का प्रतीक माना जाता है।

 

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

Related Topic:#Religious Story

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap