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फाल्गुन माह शुरू, इस महीने कौन से व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं?

हिंदू पंचांग का अंतिम महीना 'फाल्गुन' जिसमें महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े त्योहारों के साथ बसंत के मौसम की शुरुआत होती है। इस महीने कई व्रत और त्योहार मनाए जाते है जिसे आपको जानना जरूरी है।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन साल का बारहवां और अंतिम महीना होता है। इस महीने का नाम 'फाल्गुनी' नक्षत्र पर पड़ा है, क्योंकि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा इसी नक्षत्र में होता है। फाल्गुन का आगमन ठंड के मौसम की विदाई और वसंत के शुरुआत का संकेत देता है। आध्यात्मिक दृष्टि से माने तो यह महीना भगवान शिव, श्री कृष्ण और चंद्र देव की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

 

इसी महीने में प्रकृति अपनी चरम सुंदरता पर होती है और मनुष्य का मन हर्षोल्लास से भरा रहता है। महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर शिव-शक्ति का मिलन हो या फाल्गुनी पूर्णिमा पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक 'होली', यह पूरा मास व्रत-अनुष्ठानों और उत्सवों की एक लंबी श्रृंखला पेश करता है।

 

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प्रमुख व्रत और त्योहार

  • 02 फरवरी को फाल्गुन महीने की शुरुआत
  • 05 फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी
  • 07 फरवरी को यशोदा जयंती
  • 08 फरवरी को भानु सप्तमी, शबरी जयन्ती
  • 09 फरवरी को जानकी जयंती , कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
  • 13 फरवरी को कृष्ण भीष्म द्वादशी, कुम्भ संक्रान्ति, विजया एकादशी
  • 14 फरवरी को शनि त्रयोदशी, शनि प्रदोष व्रत
  • 15 फरवरी को  महाशिवरात्रि
  • 17 फरवरी को  सूर्य ग्रहण, फाल्गुन अमावस्या
  • 19 फरवरी को फुलेरा दूज
  • 21 फरवरी को ढुण्ढिराज चतुर्थी
  • 22 फरवरी को स्कन्द षष्ठी
  • 23 फरवरी को मासिक कार्तिगाई
  • 24 फरवरी को होलाष्टक शुरू,मासिक दुर्गाष्टमी
  • 25 फरवरी को रोहिणी व्रत
  • 27 फरवरी को आमलकी एकादशी
  • 01 मार्च को रवि प्रदोष व्रत
  • 03 मार्च  को होलिका दहन
  • 04 मार्च को होली

 

यह भी पढ़ें: माघ पूर्णिमा कब है? व्रत के नियम, शुभ मुहूर्त और मान्यताएं

फाल्गुन में पूजा और दान का महत्व

जिनका चंद्रमा कमजोर होता है, उन्हें फाल्गुन में सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए।

इस महीने में 'बाल कृष्ण' और 'राधा-कृष्ण' की पूजा करने से पारिवारिक सुख और प्रेम बढ़ता है।

महाशिवरात्रि के दौरान शिवलिंग पर पंचामृत अभिषेक अत्यंत फलदायी होता है।


नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

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