ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा ने संन्यास की घोषणा कर दी है। 39 साल के ख्वाजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रविवार (4 जनवरी) से शुरू हो रहा सिडनी टेस्ट उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच होगा। उन्होंने रिटायरमेंट का ऐलान करने के साथ ही अपने साथ हुए भेदभाव पर खुलकर बात की है। ख्वाजा ने कहा कि पूरे करियर में मुझे मेरे पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान के कारण कई बार अलग नजर से देखा गया।

 

ख्वाजा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। वह जब 5 साल के थे तब उनके माता-पिता ऑस्ट्रेलिया आ गए। ख्वाजा सिडनी में पले-पढ़े। उन्हें हाल ही में चोटिल होने के कारण तीखी आलोचना झेलनी पड़ी थी। पर्थ में खेले गए मौजूदा एशेज सीरीज के शुरुआती टेस्ट से पहले ख्वाजा गोल्फ खेलते नजर आए थे। जब वह पीठ में दर्द के कारण पर्थ टेस्ट से बाहर हो गए, तब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर्स उनके ऊपर टूट पड़े। ख्वाजा ने मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों के इस रवैये की आलोचना की है।

 

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मुझे आलसी कहा गया - ख्वाजा

बाएं हाथ के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने कहा, 'अभी भी थोड़ा अलग व्यवहार किया जाता है। मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो अलग था, घटनाएं भी अलग थीं। मुझे पीठ में दर्द होता है जो मेरे बस में नहीं है लेकिन मीडिया और पूर्व खिलाड़ी मुझ पर टूट पड़े। मुझे लगभग पांच दिनों तक आलोचना का सामना करना पड़ा।' उन्होंने आगे  कहा, 'मुझे लेकर कई तरह की नस्लीय रूढ़िवादिता सामने आई, जैसे कि मैं आलसी हूं, पाकिस्तानी, वेस्टइंडीज के, अश्वेत खिलाड़ी... हम स्वार्थी हैं, हम सिर्फ अपनी परवाह करते हैं, हमें टीम की परवाह नहीं है, हम कड़ी मेहनत नहीं करते। ये वे बातें थीं जिनसे मैं अपनी पूरी जिंदगी जूझता रहा हूं।'

 

ख्वाजा ने अपनी पीठ में दर्द को गोल्फ से जोड़े जाने पर कहा, 'मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ी गोल्फ खेल कर चोटिल हो गए लेकिन आप लोगों ने उनके बारे में कुछ नहीं कहा। मैं आपको ऐसे भी उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ियों ने मैच से पहले की रात को खूब बियर पी और वे अस्वस्थ हो गए लेकिन उनके बारे में भी कुछ नहीं कहा गया लेकिन जब मैं चोटिल हुआ तो मेरी प्रतिबद्धता और एक व्यक्ति के रूप में मेरी छवि पर सवाल उठा दिए गए।'

 

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अपनी शर्तों पर लिया संन्यास

एडिलेड में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच से ख्वाजा को ड्रॉप कर दिया था। हालांकि स्टीव स्मिथ के बीमार होने के कारण ख्वाजा को वापसी का मौका मिला। एडिलेड में पहली पारी में 82 रन बनाकर उन्होंने मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में अपनी जगह पक्की की। ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पता था कि उनके करियर का अंत निकट है और वह अपनी शर्तों पर रिटायर हो रहे हैं।

 

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि एशेज शुरू होने से पहले ही मुझे अंदाजा हो गया था कि यह मेरी अंतिम सीरीज होगी। मुझे खुशी है कि मैं अपनी शर्तों पर विदाई ले रहा हूं।' ख्वाजा ने अब तक 87 टेस्ट मैचों में 43.49 के औसत से 6,206 रन बनाए हैं, जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं।