नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट 13 से 18 जनवरी तक चलेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत से ही यह खेल से ज्यादा अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में रहा है। कभी मैच के दौरान कोर्ट पर पक्षियों की बीट गिरने से खेल रोकना पड़ा, तो कभी बंदर दर्शकों के बीच मैच देखने पहुंच गए। इन घटनाओं के चलते टूर्नामेंट के इंतजामों को लेकर आयोजन समिति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच डेनमार्क की शटलर मिया ब्लिचफेल्ट ने वेन्यू पर बेहद खराब व्यवस्थाओं को लेकर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह अस्वीकार्य और पूरी तरह अनप्रोफेशनल है।
मिया ने कहा कि इंडिया ओपन की मौजूदा हालत बेहद खराब है। उनके अनुसार, इन परिस्थितियों में यहां वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन होना समझ से परे है। उन्होंने अपनी इस शिकायत को सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए सामने रखा। इससे पहले डेनमार्क के ही खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन ने दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था।
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मिया का पोस्ट
मिया ने लिखा, 'भारत में पिछले कुछ दिन हमारे लिए बेहद मुश्किल रहे हैं। हालात मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब रहे। मैंने खुद को मानसिक रूप से सबसे बुरे के लिए तैयार कर लिया था लेकिन जो स्थिति सामने आई, वह अस्वीकार्य और पूरी तरह अनप्रोफेशनल थी। हम यहां परफॉर्म करने आए हैं। हमारा काम कोर्ट के अंदर और बाहर अपनी तैयारी पर ध्यान देना है लेकिन ऐसे माहौल में पूरी क्षमता के साथ प्रतिस्पर्धा करना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना बहुत कठिन हो जाता है।'
आगे उन्होंने कहा, 'वर्ल्ड टूर सुपर 750 इवेंट में जिन परिस्थितियों का सामना हमें करना पड़ रहा है, उससे हर कोई तनाव में है और काफी निराश भी। शुरुआत में आप इसे मजाक में टालने की कोशिश करते हैं लेकिन बाद में यह न खिलाड़ियों के लिए और न ही इस टूर्नामेंट से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए ठीक या मजेदार रह जाता है।'
बताया जा रहा है कि मिया दूसरे राउंड में बाहर हो गई थीं और घर लौटने के बाद उन्होंने यह पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, 'मुझे खुशी है कि अब खराब स्थितियों पर ध्यान दिया जा रहा है। उम्मीद है कि अगर भारत में आगे भी टूर्नामेंट आयोजित होते हैं, तो भविष्य के खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।' आगे उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद है @bwf.official भविष्य में खिलाड़ियों के लिए बेहतर परिस्थितियां तैयार करेगा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और ठोस कदम उठाएगा।
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BWF ने क्या कहा?
बैडमिंटन वर्ल्ड बॉडी ने दो दिन पहले एक विस्तृत बयान जारी कर उठाई गई सभी चिंताओं को स्वीकार किया है। साथ ही, टूर्नामेंट के दौरान इन समस्याओं से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी गई है। बयान में कहा गया कि मौसम से जुड़ी चुनौतियों, खासकर धुंध और ठंड के कारण कोर्ट के अंदर हवा की गुणवत्ता और तापमान प्रभावित हुआ, जिससे इस सप्ताह कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, आकलन के अनुसार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पुराने केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में बेहतर इंफ्रास्टक्चर उपलब्ध कराता है।
पहले दिन से ही बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने आलोचनाओं के जवाब में कई बयान जारी किए हैं। BWF ने कहा कि BAI ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए तुरंत और प्रभावी कदम उठाए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि केडी जाधव स्टेडियम से हटने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना था। बयान में कहा गया कि इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजन से खिलाड़ियों और अधिकारियों को अधिक जगह मिलती है।
यह BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए आवश्यक ‘फील्ड ऑफ प्ले’ मानकों को पूरा करता है। आगे कहा गया कि सभी प्रतिभागियों के लिए सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला माहौल सुनिश्चित करना BWF की प्राथमिकता है। संस्था ने खिलाड़ियों और टीमों के बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार जताया और BAI के साथ मिलकर निरंतर सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
