टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सूर्यकुमार यादव से कप्तानी छीन ली थी। साथ ही उन्हें टीम से बाहर कर दिया। कप्तान रहते हुए एक भी टी20 सीरीज न हारने वाले सूर्या की जगह श्रेयस अय्यर को टीम की बागडोर सौंपी गई। श्रेयस इससे पहले टीम में भी नहीं थे। यानी उनकी पैराशूट लैंडिंग हुई। श्रेयस का पहला असाइनमेंट आयरलैंड दौरा था, जहां भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। आयरलैंड ने 2 मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया का सूपड़ा साफ कर दिया। इसके बाद टीम 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड पहुंची।
इंग्लिश सरजमीं पर भी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही है। पहला मुकाबला बारिश में धुलने के बाद भारतीय टीम लगातार दो मैच गंवा चुकी है। मैनचेस्टर में खेले गए सीरीज के दूसरे मुकाबले में उसे 4 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद बुधवार (7 जुलाई) को नॉटिंघम में टीम इंडिया 202 रन के टारगेट का पीछा करते हुए महज 76 रन पर ही सिमट गई। श्रेयस की कप्तानी वाली टीम को 125 रन से शिकस्त मिली। यह टी20 में रन के अंतर से भारतीय टीम की सबसे बड़ी हार रही।
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श्रेयस के नाम जुड़ा शर्मनाक रिकॉर्ड
भारत को लगातार मिल रही हार से श्रेयस के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया है। श्रेयस की कप्तानी में भारतीय टीम अब तक 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुकी है और एक भी नहीं जीत पाई है। इससे पहले कोई भी भारतीय टी20 कप्तान अपने शुरुआती 5 मैचों में जीत से महरूम नहीं रहा था। थाली में सजाकर मिली कप्तानी श्रेयस को रास नहीं आ रही है। वह अब तक 5 पारियों में सिर्फ 123 रन ही बना सके हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 141.37 का रहा है। श्रेयस दो बार दहाई का आंकड़ा पार करने में नाकाम रहे हैं।
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एक और सीरीज हारेगा भारत?
इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। मेजबान टीम यहां से सीरीज नहीं हार सकती। भारत को सीरीज हार से बचने के लिए अब बाकी बचे दोनों मुकाबले जीतने ही होंगे। इसके लिए श्रेयस को आगे बढ़कर नेतृत्व करना होगा। उन्हें सही टीम उतारने के साथ-साथ बल्ले से भी कमाल करने की जरूरत है। इसके अलावा श्रेयस विदेशी सरजमीं पर अपना टी20 रिकॉर्ड बेहतर करना चाहेंगे। वह घर से बाहर 18 पारियों में 127.81 के स्ट्राइक रेट से महज 363 रन ही जोड़ सके हैं। अगर वह विदेश में बल्ले से रन नहीं बनाते हैं तो भारतीय टीम की स्थिति इससे भी बुरी हो सकती है।


