IPL 2026 के पहले नौ मैचों में इम्पैक्ट प्लेयर अब सिर्फ एक ऑप्शन नहीं रहा बल्कि मैच में एक निर्णायक फैक्टर बनता दिख रहा है। डेटा बताते हैं कि जिन टीमों ने सही समय पर और सही रोल में इस रूल का इस्तेमाल किया, उन्होंने मैच पर कंट्रोल कर लिया है। दिल्ली कैपिटल्स (DC) और राजस्थान रॉयल्स (RR) खास तौर पर इस मामले में सबसे आगे दिख रहे हैं। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) के डेटा चिंताजनक हैं। इन टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर या तो मैच पर इम्पैक्ट डालने में नाकाम रहे या उनका रोल मैच के नतीजे से अलग दिखा।
अब तक के डेटा पर गौर करें तो जिन टीमों ने स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में सही समय पर मैदान में उतारा, उन्हें सीधा फायदा मिला। जहां दिल्ली ने समीर रिजवी के रूप में एक मैच फिनिशर खोज निकाला है, वहीं राजस्थान ने गेंदबाजी में रवि बिश्नोई के जरिए मैच पलटने की कला दिखाई है। इसके विपरीत, मुंबई और चेन्नई के रणनीतिक फैसलों ने उनके संतुलन को ही बिगाड़ दिया है, जिससे यह नियम उनके लिए वरदान के बजाय बोझ साबित हो रहा है।
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समीर और बिश्नोई के आंकड़े
दिल्ली कैपिटल्स ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम का जबरदस्त और सबसे सही इस्तेमाल किया। समीर रिजवी ने इम्पैक्ट प्लेयर बनकर IPL 2026 के 5वें मैच में LSG के खिलाफ नाबाद 70 रन ठोके, वहीं 8वें मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 90 रन जड़ दिए। दोनों ही मैचों में टीम रन चेज कर रही थी और दिल्ली ने आराम से जीत भी अपने नाम कर ली।
राजस्थान रॉयल्स की बात करें, तो उन्होंने अब तक सिर्फ एक मैच में इम्पैक्ट प्लेयर नियम का इस्तेमाल किया है। उस मैच में, राजस्थान ने रवि बिश्नोई को अपने इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतारा था और वह गेम-चेंजर साबित हुए। गुजरात टाइटंस के खिलाफ इस कम स्कोर वाले मैच में रवि बिश्नोई ने चार विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। राजस्थान छह रन के अंतर से इस मैच को जीतने में कामयाब रहा।
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CSK और MI के रणनीति में चूक
CSK के दोनों मैचों में इम्पैक्ट प्लेयर्स पूरी तरह बेअसर रहे। पहले मैच में सरफराज खान ने सिर्फ 17 रन बनाए, जबकि CSK के दूसरे मैच में राहुल चाहर एक भी विकेट नहीं ले सके। टीम ये दोनों मैच हार गई। इसका मतलब है कि CSK के लिए इम्पैक्ट प्लेयर न तो बल्लेबाजी में मददगार रहे, न गेंदबाजी में और न ही टीम के दूसरे प्लेयर्स ने कोई दम दिखाया।
मुंबई इंडियंस का हाल भी कुछ अलग नहीं है। एक मैच में सूर्यकुमार यादव इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर सिर्फ 16 रन बना सके, जबकि दूसरे मैच में मयंक मार्कंडे इम्पैक्ट प्लेयर रहे और कोई विकेट नहीं ले सके। दिलचस्प बात यह है कि MI ने एक मैच जीता तो था लेकिन उसमें भी इम्पैक्ट प्लेयर का योगदान बहुत कम था। इससे पता चलता है कि MI की स्ट्रैटेजी अभी साफ नहीं है।
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बाकी टीमों में मिला-जुला असर
दूसरी टीमों का प्रदर्शन पूरी तरह से संतुलित नहीं था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को देवदत्त पडिक्कल (61 रन) से काफी फायदा हुआ, जिन्होंने मैच अपने नाम कर लिया। कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए, फिन एलन ने 7 गेंदों में 28 रन बनाकर तेजी से असर डाला, लेकिन यह मैच जिताने वाला प्रदर्शन साबित नहीं हुआ।
पंजाब किंग्स के लिए प्रियांश आर्य ने हर मैच में 39 रन दिए, जबकि गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद का इम्पैक्ट एवरेज रहा। कुल मिलाकर, डेटा बताता है कि जो टीम सही समय पर सही रोल में इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल करेगी वह IPL 2026 में मैच जीतेगी।
