इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) के पहले नौ मैचों ने एक ऐसा ट्रेंड सेट कर दिया है जिससे क्रिकेट एक्सपर्ट्स और कप्तानों की नींद उड़ गई है। अब तक के मैचों के डेटा से साफ पता चलता है कि इस सीजन में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना जीत की सबसे बड़ी गारंटी बनता जा रहा है। आपको बता दें कि IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से हुई थी।
आंकड़ों पर नजर डालें तो 9 मैचों में से 7 बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीत का परचम लहराया है, जबकि केवल 2 बार ही टीमें स्कोर का बचाव करने में सफल रही हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या इस सीजन में पहले बल्लेबाजी करना टीमों के लिए नुकसान का सौदा बनता जा रहा है।
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200+ स्कोर भी नहीं हो रहे सुरक्षित
सीजन के पहले 5 मैचों में लगातार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने जीत दर्ज की। मैच 1 में RCB ने 202 रनों के लक्ष्य को महज 15.4 ओवरों में हासिल कर लिया, वहीं मैच 2 में मुंबई इंडियंस ने 221 रनों के पहाड़ जैसे स्कोर को 19.1 ओवर में पार कर लिया। यह आंकड़े बताते हैं कि अब 200+ का स्कोर भी सुरक्षित नहीं है। गेंदबाजों के लिए दूसरी पारी में गीली गेंद से नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो रहा है, जिसका पूरा फायदा बल्लेबाज उठा रहे हैं।
बचाव करने में कहां हो रही है चूक?
अब तक खेले गए 9 मैचों में से केवल सनराइजर्स हैदराबाद (मैच 6) और राजस्थान रॉयल्स (मैच 9) ही अपने टोटल को सफलतापूर्वक डिफेंड कर पाए हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि 9वें मैच में, राजस्थान ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला किया। गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान की 6 रनों की रोमांचक जीत यह साबित करती है कि केवल अनुशासित गेंदबाजी खास तौर पर डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर्स ही पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को बचा सकती है।
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9 मैचों का ट्रेंड
- सबसे बड़ा सफल चेज: 224 रन (मुंबई इंडियंस बनाम कोलकाता)
- सबसे तेज जीत: RCB (15.4 ओवर में 203 रन)
- औसत विनिंग स्कोर (चेज करते हुए): 182 रन
- गेंदबाजी की विफलता: 9 मैचों में 5 बार 200+ का स्कोर बना, पर 3 बार वह चेज हो गया।
