जम्मू-कश्मीर की टीम रणजी चैंपियन बन गई है। हुबली में खेले गए फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने 8 बार के चैंपियन कर्नाटक को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब पर कब्जा जमा लिया है।फाइनल मुकाबले के पांचवें दिन साहिल लोत्रा के शतक पूरा करते ही जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 342/5 के स्कोर पर घोषित की। इसके बाद कर्नाटक की टीम ने मैच यहीं खत्म करने का फैसला किया।
जम्मू-कश्मीर के पास 634 रन की विशाल बढ़त थी और मुकाबले में ज्यादा समय नहीं बचा था। ऐसे में कर्नाटक के लिए इस टारगेट को हासिल करना नामुमकिन था, जिससे दोनों टीमें ड्रॉ पर सहमत हुईं। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की लीड बनाकर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली थी। दरअसल, रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट में मुकाबला ड्रॉ होने पर पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता घोषित कर दिया जाता है।
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शुभम पुंडिर और आकिब नबी बने जीत के हीरो
जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए पहली पारी में 584 रन बनाए थे। शुभम पुंडिर ने 121 रन की पारी खेली। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को शुरुआती झटकों से उबारते हुए बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया था। उनके अलावा यावर हसन ने 88, कप्तान पारस डोगरा ने 70 और अब्दुल समद ने 61 रन बनाए। इसके बाद कन्हैया वधावन और साहिल लोत्रा ने भी अर्धशतकीय पारियां खेली। जम्मू-कश्मीर की पहली पारी के स्कोर के जवाब में कर्नाटक की टीम महज 293 पर ही सिमट गई।
पूरे रणजी सीजन में कहर बरपाने वाले आकिब नबी ने फाइनल में भी धारदार गेंदबाजी की और कर्नाटक को सस्ते में समेट दिया। आकिब नबी ने 54 रन देकर 5 विकेट झटके। कर्नाटक की ओर से सिर्फ मयंक अग्रवाल ही चल सके। उन्होंने 160 रन की पारी खेली।
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दूसरी पारी में कामरान इकबाल का शतक
पहली पारी के आधार पर विशाल बढ़त हासिल करने के बाद जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और दूसरी पारी में भी 100 ओवर से ज्यादा बैटिंग की। ओपनर कामरान इकबाल ने एक छोर से मोर्चा संभालते हुए नाबाद 160 रन बनाए। उन्होंने 311 गेंद का सामना किया और 16 चौके और 3 छक्के जड़े। उनका साहिल लोत्रा ने अच्छा साथ निभाया और 226 गेंद में नाबाद 101 रन बनाए।
