संजय सिंह, पटना। शहर के ऊर्जा स्टेडियम में दूधिया रोशनी में खेले गए दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने रोमांचक अंदाज में जम्मू-कश्मीर को 2 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। दिव्यांग क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर रहा जब किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला रात में दूधिया रोशनी में आयोजित किया गया। रोशनी से जगमगाते मैदान में खेले गए इस मुकाबले ने दर्शकों को अंत तक रोमांचित रखा। 

 

मध्य प्रदेश के लिए लकी कराड़िया और संजय कुमार साकेत ने 9वें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी करते हुए जम्मू-कश्मीर के हाथों से जीत छीन ली। जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 200 रन का स्कोर खड़ा किया था, जिसे मध्य प्रदेश ने 18 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

 

यह भी पढ़ें: राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने रियान पराग, IPL 2026 में सभालेंगे कमान

राहुल-आकिब की आतिशी बल्लेबाजी

जम्मू-कश्मीर की शुरुआत बेहतरीन रही। राहुल शर्मा ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 56 गेंदों पर नाबाद 89 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। आकिब मलिक ने 26 गेंदों पर 43 रन की तेज पारी खेली और दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 85 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। मिडिल ऑर्डर में शाकूर बशीर ने 23 गेंदों पर 39 रन जोड़कर टीम को मजबूती दी। अंतिम ओवरों में तेज रन गति से टीम 200 के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही। मध्य प्रदेश की ओर से कप्तान माखन सिंह राजपूत ने 2 विकेट और अंकित सिंह बघेल ने 1 विकेट हासिल किया।

 

यह भी पढ़ें: जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कौन सा रिकॉर्ड बना दिया, जिसकी हो रही चर्चा?

बिखर गई थी मध्य प्रदेश की टीम

201 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्य प्रदेश की टीम शुरुआती झटकों से उबर नहीं पा रही थी। 10.4 ओवर में 85 रन पर 8 विकेट गिर जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। बबलू बेग ने 3 विकेट लेकर और तरसेम लाल ने 2 विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। हालांकि इसके बाद संजय कुमार साकेत और लकी कराड़िया ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

9वें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी

संजय कुमार साकेत ने 25 गेंदों पर नाबाद 48 रन बनाए, जिसमें 9 चौके शामिल थे। वहीं लकी कराड़िया ने 20 गेंदों पर नाबाद 67 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। दोनों के बीच 9वें विकेट के लिए 117 रन की अविजित साझेदारी हुई, जिसने मैच को पूरी तरह पलट दिया। मध्य प्रदेश ने 18वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।