तमीम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को चेतावनी देते हुए बयान दिया है कि टी20 वर्ल्ड कप में खेलने पर फैसला जज्बातों के बहाव में नहीं बल्कि भविष्य को देखते हुए लिया जाना चाहिए। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम ने अपने देश के क्रिकेट बोर्ड को चेताया है कि किसी भी फैसले का असर अगले 10 साल तक पड़ सकता है। 

 

बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में टी20 वर्ल्ड कप के मैच खेलने में हिचकिचाहट दिखाई है और अपने मैच सह-मेजबान श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की है। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL से निकाले जाने के बाद BCB ने ICC को लेटर लिखकर श्रीलंका में खेलने की बात कही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ल्ड क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी ने बांग्लादेश की मांग को खारिज कर दिया है।

 

बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बीच BCCI के आदेश पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर रहमान को अपने स्क्वॉड से रिलीज कर दिया था। इस फैसले का बांग्लादेश में भारी विरोध हुआ, जिसके बाद BCB ने बांग्लादेशी टीम को भारत में भेजने से इनकार कर दिया था। तमीम का कहना है कि भीड़ के दबाव में कुछ भी कदम उठाना गलता है। पहले देखना चाहिए कि बांग्लादेश वर्ल्ड क्रिकेट में कहां खड़ा है।

 

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अभी हालात नाजुक

तमीम इकबाल ने इस मामले पर बात करते हुए 'क्रिकबज' से कहा, 'फिलहाल हालात नाजुक हैं और अभी कोई बयान देना मुश्किल है। लेकिन यह ध्यान में रखना चाहिए कि अगर सब मिलकर काम करें तो बातचीत से कई समस्याएं हल हो सकती हैं।' 

 

उन्होंने BCB को याद दिलाया, 'आपको यह देखना होगा कि बांग्लादेश आज वर्ल्ड क्रिकेट में कहां खड़ा है और बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य क्या हो सकता है। फिर उसी आधार पर निर्णय लेना चाहिए - न कि भीड़ की आवाज से।'

 

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सरकार ने मामले को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा

बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय गौरव का हवाला दिया और सरकारी गलियारों में भारत विरोधी बढ़ती भावना को जारी रखा। इस बीच BCB और सरकार के बीच इस मुद्दे पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। 

 

अमिनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाला BCB इस माहौल से पूरी तरह सहमत नहीं है। तमीम ने क्लीयर किया, 'हम BCB को एक स्वतंत्र संस्था मानते हैं। निश्चित रूप से सरकार बड़ी भूमिका जरूर निभाती है और उसके साथ चर्चा जरूरी है लेकिन अगर हम BCB को स्वतंत्र मानते हैं तो इसे अपने निर्णय लेने का अधिकार भी होना चाहिए।' 

 

उन्होंने यागे कहा, 'अगर बोर्ड किसी फैसले को सही मानता है तो उसे वह फैसला लेना चाहिए। सार्वजनिक राय हमेशा अलग-अलग होगी। जब हम खेलते हैं, दर्शक भावनाओं से प्रभावित होकर कई बातें कहते हैं लेकिन अगर आप उन सब के आधार पर निर्णय लेने लगेंगे तो इतनी बड़ी संस्था नहीं चला पाएंगे।' 

 

तमीम ने कहा, 'आज के फैसले का असर अगले दस साल तक पड़ेगा। इसलिए निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में लिया जाना चाहिए। यही मेरा व्यक्तिगत विचार है।'

 

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तमीम ने BCB और सरकार को लताड़ा

बांग्लादेश के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक तमीम ने हर दिन बयान जारी करने पर BCB और सरकार को लताड़ भी लगाई। उन्होंने कहा, 'अंतिम फैसला लेने और आंतरिक चर्चा पूरी करने के बाद ही उसे सार्वजनिक रूप से बताया जाना चाहिए। हर कदम सार्वजनिक रूप से बताने से अनावश्यक अस्थिरता पैदा होती है जो अभी हो रही है।' 

 

तमीम ने कहा, 'अगर फैसला कल या एक हफ्ते बाद बदल जाता है तो आप अपने पहले दिए गए बयान कैसे समझाएंगे?' उन्होंने अंत में कहा, 'जो भी अंतिम फैसला हो, मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश क्रिकेट के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और फैसले से पहले बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखा जाएगा।