T20 वर्ल्ड के चारों लीग मैच जीतने वाली भारतीय टीम में कुछ खामियां दिख रही थीं। हर मैच में कोई एक या दो खिलाड़ी चल जा रहे थे और भारतीय टीम जीत जा रही थी। सुपर-8 के पहले ही मैच में साउथ अफ्रीका के सामने सारी खामियां एक साथ उजागर हो गईं और भारत को ऐसा झटका लगा कि अब उससे उबर पाने की उम्मीद कम ही है। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के मैच में जिम्बाब्वे की करारी हार ने भारत की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अब स्थिति यह है कि अगर जिम्बाब्वे अपने सारे मैच हारता है और भारत अपने बाकी मैच जीतता है तो प्वाइंट टेबल में वह तीसरे स्थान पर रह सकता है और उसका सफर सुपर-8 से ही खत्म हो सकता है। इस स्थिति में अब भारत के पास एक ही रास्ता है कि वह वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे को बड़े अंतर से हराए और साउथ अफ्रीका या वेस्टइंडीज में से किसी एक दोनों मैच हारने की भी उम्मीद करे।
मौजूदा प्वाइंट टेबल में भारत तीसरे नंबर पर है क्योंकि जिम्बाब्वे को वेस्टइंडीज के हाथों 107 रन से हारना पड़ा। इस स्थिति में जिम्बाब्वे का दावा कमजोर हो गया है। हालांकि, वह अभी अभी रेस से बाहर नहीं है। वेस्टइंडीज का विजय रथ जारी है और वह पहले मैच में बड़ी जीत के साथ 2 अंक हासिल कर चुकी है। उसका नेट रनरेट +5.350 है। वहीं, साउथ अफ्रीका ने भी पहले मैच में भारत को हराकर 2 प्वाइंट हासिल किए थे। उसका नेट रनरेट +3.800 है।
कैसे सेमीफाइनल में पहुंच सकता है भारत?
भारत का अगला मैच जिम्बाब्वे से है। इस मैच में भारत को बड़ी जीत मिलती है तो उसके 2 अंक हो जाएंगे और उसके रनरेट में भी थोड़ा सुधार हो सकता है। हालांकि, एक मैच में जीत के बावजूद वह तीसरे नंबर पर रही हेगा क्योंकि दूसरे नंबर पर मौजूद साउथ अफ्रीका का नेर रन रेट बेहतर है।
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26 फरवरी को जिम्बाब्वे और भारत के मैच से ठीक पहले वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका का मैच है। इस मैच के नतीजे से भारत को थोड़ा फायदा होने की उम्मीद है। भारत को ज्यादा फायदा साउथ अफ्रीका की हार से होगा। अगर साउथ अफ्रीका बड़े अंतर से हारता है और भारत बड़े अंतर से जीतता है तो वेस्टइंडीज के साथ-साथ भारत के रन रेट में भी सुधार होगा। उस स्थिति में भारत दूसरे नंबर पर पहुंच सकता है।
जिम्बाब्वे से कमाल की उम्मीद करेगा भारत
इसके बावजूद भारत को जिम्बाब्वे से यह उम्मीद होगी कि वह साउथ अफ्रीका को हरा दे। इस स्थिति में साउथ अफ्रीका के दो ही अंक रह जाएंगे और वह बाहर हो जाएगा। दूसरी स्थिति यह है कि अगर साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज को हरा दे तो भारत का काम आसान हो सकता है और वह खुद वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच सकता है।
कितने तिकड़म चाहिए?
-भारत की दो जीत
-साउथ अफ्रीका या वेस्टइंडीज में किसी एक की दो हार
-जिम्बाब्वे की साउथ अफ्रीका पर जीत
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क्या करेगा भारत?
पिछले मैच में देखा गया कि भारत के ओपनर्स के बाद मिडिल ऑर्डर भी कोलैप्स कर गया। भारत ने अक्षर पटेल को ड्रॉप करके वॉशिंगटन सुंदर को खिलाया। वह ना तो बैटिंग में चले और ना ही बॉलिंग में उनका ज्यादा इस्तेमाल किया गया। अभिषेक शर्मा वर्ल्ड कप के मैचों में अभी तक फ्लॉप रहे हैं लेकिन उन्हें लगातार मौका मिल रहा है। गेंदबाजी में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और मोहम्मद सिराज हैं और बैटिंग में संजू सैमसन इंतजार में हैं। अगर किसी भी एक बल्लेबाज को रेस्ट दिया जाता है तो संजू सैमसन को मौका मिल सकता है।
भारत की समस्या यह है कि संजू सैमसन न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पांच मैचों में सिर्फ 46 रन बना पाए थे। उनकी सबसे बड़ी पारी 24 रनों की थी। वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ उन्हें मौका मिला था और संजू ने 8 गेंदों पर 22 रन बनाए लेकिन फिर से जल्दी ही आउट हो गए।
अक्षर पटेल ने इस वर्ल्ड कप के पांच में से तीन मैच खेले हैं। पाकिस्तान और नामीबिया के खिलाफ वह खाता नहीं खोल पाए थे। अमेरिका के खिलाफ 11 गेंदों पर 14 रन बनाए थे। गेंदबाजी में वह प्रभावी साबित हुए हैं और तीनों मैचों में अच्छी इकॉनमी के साथ उन्होंने दो-दो विकेट लिए हैं।
कुलदीप यादव को सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ खिलाया गया लेकिन सिर्फ 3 ओवर गेंदबाजी मिली। 3 ओवर में कुलदीप ने सिर्फ 14 रन दिए थे और 1 विकेट हासिल किया था।
तिलक वर्मा वन डाउन खेलते आ रहे हैं और पांचों मैचो में उन्हें मौका मिला है। हालांकि, उनकी धीमी बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका, नीदलैंड्स और नामीबिया जैसी टीमों के खिलाफ भी उनका स्ट्राइक रेट कम रहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वह सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। वहीं, वर्ल्ड कप के 4 मैच में से 3 बार अभिषेक शर्मा 0 पर आउट हुए हैं। वहीं, साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 12 गेंदों पर 15 रन बनाए थे।
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समस्याएं ज्यादा समाधान कम
भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ यह उम्मीद करनी होगी कि खराब फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ी अपना बेस्ट दें। ओपनिंग में अभिषेक शर्मा अपनी लय को हासिल करें और अगर तिलक वर्मा को भी मौका मिले तो वह तेजी से रन बनाएं। साथ ही, मिडल और लोवर मिडल ऑर्डर के बल्लेबाजों को भी यह देखना होगा कि वे अच्छी हिटिंग करके पावरप्ले का जबरदस्त इस्तेमाल करके दिखाएं। गेंदबाजी में भारत को यह देखना होगा कि वरुण चक्रवर्ती को दूसरे एंड से भी साथ मिले। साथ ही, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को फील्डरों से सपोर्ट मिले ताकि वे दबाव बनाकर जल्दी-जल्दी विकेट निकालें और विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकें।
अगर जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत पहले बैटिंग करता है तो उसे 200+ स्कोर करके कम से कम 60 या 70 रन से जीत हासिल करनी होगी। इस स्थिति में उसका रन रेट बेहतर हो सकता है। अगर भारत पहले बॉलिंग करता है तो उसे जिम्बाब्वे को 100 से 130 के बीच समेटकर इस लक्ष्य को 10 या 12 ओवर में ही हासिल करना होगा। ऐसा करके ही सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखा जा सकता है।
