ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने गदर काट दिया है। वैभव ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 55 गेंद में शतक ठोक दिया है। बाएं हाथ के इस विध्वंसक बल्लेबाज ने 20 ओवर के अंदर ही अपनी सेंचुरी पूरी कर ली है। वैभव 8 चौके और 8 छक्के उड़ाते हुए तूफानी अंदाज में इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
बेरहम बने वैभव
14 साल के वैभव को इस वर्ल्ड कप में शुरुआत मिल रही थी लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे थे। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उन्होंने अपना रौद्र रूप दिखाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों की बेहरमी से पिटाई की। IPL में 35 गेंद में शतक लगा चुके वैभव ने इंग्लैंड के साथ खिलवाड़ करते हुए U19 वर्ल्ड कप के इतिहास की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी ठोक दी।
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शतक के बाद भी नहीं रुके वैभव
वैभव ने शतक पूरा करने के बाद भी आतिशी बल्लेबाजी जारी रखी और अगली 16 गेंद में 50 रन और ठोक दिए। यानी वह 71 गेंद में 150 तक पहुंच गए। उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज 150 रन बनाया। वैभव आसानी से दोहरा शतक पूरा करते दिख रहे थे लेकिन वह मैनी लुम्सडेन की डाउन द लेग गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
वह 80 गेंद में 175 रन की मैराथन पारी खेलकर पवेलियन लौटे। वैभव ने अपनी इस पारी में 15 चौके और इतने ही छक्के जड़े। वैभव का विकेट 26वें ओवर में 251 रन के स्कोर पर गिरा। भारतीय पारी में लगभग आधे ओवर बचे हुए हैं। देखना होगा कि बाकी बल्लेबाज स्कोर को 400 के पार ले जा पाते हैं या नहीं।
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आयुष म्हात्रे का भी अर्धशतक
भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया ने चौथे ओवर में ही आरोन जॉर्ज का विकेट खो दिया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे ने इंग्लिश गेंदबाजों की खबर लेनी शुरू की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी की। म्हात्रे ने 51 गेंद में 53 रन ठोके, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उनके जाने के बाद भी वैभव का जलवा बरकरार रहा और वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाकर आउट हुए।
