संजय सिंह, पटना: भागलपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने किसानों के बैंक खातों से अवैध निकासी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान 6 लाख 33 हजार रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बायोमेट्रिक मशीन, एटीएम कार्ड और कई बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

 

सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए तकनीकी निगरानी लगातार जारी थी। इसी बीच 27 फरवरी 2026 को ईशीपुर बराहट थाना क्षेत्र के बदलीगंज निवासी चंदन कुमार साह ने लिखित शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि जिन किसानों का केवाईसी अपडेट नहीं है, उनके नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते संचालित कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि निकाली जा रही है।

 

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कब हुई छापेमारी?

मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना में मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) और डीएसपी (साइबर) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। तकनीकी अनुसंधान में पता चला कि गिरोह मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसलीगंज मोहल्ले से सक्रिय है।

सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने 28 फरवरी की शाम वारसलीगंज स्थित एक मकान में छापेमारी की। मौके से मारुफचक निवासी अमर कुमार तांती और वारसलीगंज निवासी राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उनके पास से 6.33 लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक बायोमेट्रिक मशीन, मोबाइल प्रिंटर, 10 एटीएम कार्ड, 12 बैंक पासबुक, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।

 

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कैसे PM किसान सम्मान निधि में लगी सेंध?

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऐसे किसानों की सूची तैयार करते थे, जिनका केवाईसी अधूरा था। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और तकनीकी हेरफेर के जरिए बैंक खातों तक पहुंच बनाकर योजना की राशि निकाल लेते थे। पुलिस अन्य फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

 

सिटी एसपी ने किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का केवाईसी समय पर पूरा कराएं और किसी भी अनजान व्यक्ति को एटीएम, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।