संजय सिंह, पटना। बिहार के सीवान सदर अस्पताल की घटना सुर्खियों में है। यहां पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से एक शिक्षिका का शव अस्पताल के बरामदे में पड़ा रहा। आवारा कुत्ते चेहरा खा गए। इस वजह से शव को पहचानना मुश्किल हो गया। मामला सुर्खियों में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने में जुटे हैं। खास बात यह है कि हाल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के जिले का है। इस मामले में विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

प्रताड़ना से तंग शिक्षिका ने की थी आत्महत्या 

शिक्षिका तूलिका चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल की रहने वाली थीं। वह सिवान के आनंद नगर मोहल्ला स्थित आंबेडकर छात्रावास बालिका आवासीय विद्यालय में तैनात थीं। शिक्षिका की शादी सोमनाथ गोस्वामी से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही तूलिका ने आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष ने तूलिका के ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उन पर प्रताड़ना का आरोप है। तूलिका की मां का कहना है कि वह गर्भवती थी। पुलिस ने शिक्षिका की मां की शिकायत पर पति, ससुर और सास को गिरफ्तार कर लिया है। 

 

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घटना पर अधिकारियों ने क्या कहा?

पुलिस ने शव को सदर अस्पताल भेजा। यहां पोस्टमार्टम के बाद शव को बरामदे में ही छोड़ दिया गया। लावारिस हालत में पड़े शव को कुत्तों ने नोच-नोचकर खाया। अब चेहरा पहचानने लायक नहीं बचा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। उधर, एसपी पूरन कुमार झा का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे पूरे मामले की जांच करेंगे। अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

 

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कांग्रेस ने साधा निशाना

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सिवान विधानसभा से विधायक हैं। उनके ही विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह हाल चर्चा में है। कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा का कहना है कि सरकार दावा करती है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है, लेकिन यह घटना कलई खोलने को काफी है। इस मामले की भी लीपापोती कर दी जाएगी।