उत्तर प्रदेश के आगरा में हाल ही में भव्य विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें कथावाचक साध्वी समाहिता भी शामिल हुईं। सम्मेलन के दौरान दिए गए उनके भाषण ने काफी सुर्खियां बटोरीं। साध्वी समाहिता ने अपने भाषण में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर कड़ी टिप्पणी की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में बयान दिया। साध्वी समाहिता ने अपने भाषण में कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने बिना नाम लिए अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए, वरना योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन में देर नहीं लगेगी। साध्वी समाहिता ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेता और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा और उन पर कई आरोप लगाए। इसी वजह से उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह भी पढ़ें: हत्या करके जेल गए और हो गया प्यार, अब शादी करने के लिए मिल गई पैरोल
साध्वी समाहिता के भाषण को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी हुई हैं। एक वर्ग का मानना है कि उन्होंने बिल्कुल सही कहा है, इसलिए लोग उनके भाषण के वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। वहीं, दूसरे वर्ग का कहना है कि एक कथावाचक को इस प्रकार के राजनीतिक और विवादित भाषणों से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विचार प्रकट करते हुए लिखा कि साध्वी समाहिता शायद जल्द ही राजनीति में आने वाली हैं, इसलिए धर्म-कर्म के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही हैं। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि वह बीजेपी का टिकट पाने की इच्छा से मुख्यमंत्री योगी के समर्थन में भाषण दे रही हैं।
साध्वी समाहिता का भाषण
अपने भाषण में साध्वी समाहिता ने कहा, 'अभी एक और बाबा सामने आ गए हैं, जो हमारे योगी बाबा को चुनौती दे रहे हैं। रास्ते में मैंने सुना कि उन्होंने योगी जी के खिलाफ क्या कहा है। मैं उस भाषा को दोहराना नहीं चाहती, लेकिन इतना ज़रूर कहूंगी कि अविमुक्तेश्वर बाबा अपनी ज़ुबान पर लगाम लगाएं, वरना योगी जी के बुलडोजर एक्शन में देर नहीं होगी।'
जानकारी के लिए बता दे कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में स्नान न कर पाने को लेकर योगी सरकार पर नाराज जताई थे। इसीलिए उन्होंने योगी सरकार को 'हिंदू नामों वाली आधुनिक मुगल सरकार' तक कह दिया था। अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप था कि जिस प्रकार मुग़ल शासकों ने हिंदुओं को धार्मिक अनुष्ठान और पवित्र स्नान से रोका था, उसी प्रकार वर्तमान सरकार साधु-संतों को परेशान कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी पर सामंती मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया था, जिसे उन्होंने ‘ठकुरैती’ कहा था।
इसे भी पढ़ें -मुश्किल में ठाकरे, उद्धव के चार पार्षद लापता; शिंदे चर्चा में क्यों आए?
इसी बयान के विरोध में साध्वी समाहिता ने यह तीखी प्रतिक्रिया दी। साध्वी समाहिता ने अपने भाषण में केवल अविमुक्तेश्वरानंद पर ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में शंकराचार्यों और संत समाज को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है और धर्म के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव के ये हथकंडे योगी जी कभी सफल नहीं होने देंगे। संत समाज आज भी एकजुट है।'